मध्य प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में की गई शराब बंदी : मोहन यादव

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मध्य प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में की गई शराब बंदी : मोहन यादव


मध्य प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में की गई शराब बंदी : मोहन यादव


- मुख्यमंत्री ने नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प के राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ अवसर पर सहभागिता कर नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ

भोपाल, 02 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों पर निकाय और पंचायत की सीमा में हमने शराब बंदी लागू कर दी है। शराब की दुकानें हटा दी गईं हैं। मध्य प्रदेश सरकार हर गली, मोहल्ले, गांव-चौराहे तक नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाकर लोगों को समझाइश दे रही है और नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' के राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ अवसर पर भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब सड़कों के किनारे लगी धूम्रपान की दुकानें धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं, लेकिन वर्तमान समय में दूसरे प्रकार का नशा बढ़ रहा है। युवाओं को बिगाड़ने के तरह-तरह के सामान आ गए हैं। हमारी सरकार ने प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार और नशे के सामानों की तस्करी पर सख्ती से नकेल कसने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय स्थापित किया है।

'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' के राष्ट्रव्यापी अभियान का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल शुभारंभ किया। इस राष्ट्रीय अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का देश के सभी राज्यों में सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में देश के 24 राज्यों के राज्यपाल, 11 राज्यों के मुख्यमंत्री ने वर्चुअली सहभागिता की। देश के 28 स्थानों पर अभियान के शुभारंभ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों तथा माय भारत युवा संगठन के सामूहिक एवं सक्रिय प्रयासों से चलाए जाने वाला यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक लगातार जारी रहेगा। अभियान के तहत नागरिकों विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर उन्हें संकल्पित कराया जाएगा। अभियान के तहत प्रत्येक रविवार को समाज सेवा और जन-जागरूकता से जुड़ी विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ अवसर पर भोपाल के मैनिट में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहभागिता की। उन्होंने यहां नशामुक्त भारत और नशामुक्त मध्यप्रदेश के लिए सभी को हर प्रकार के नशे से दूर रहने और नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने मैनिट से ही प्रधानमंत्री के राष्ट्र संबोधन सुना। इस अवसर पर खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, मैनिट के डायरेक्टर प्रो. मनमोहन कापसे, माय भारत युवा संगठन के राज्य निदेशक मंगलराम जाखड़, जनसम्पर्क आयुक्त मनीष सिंह, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित मैनिट की सभी फैकल्टीज़, प्रोफेसर्स तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा साथी उपस्थित थे।

राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और युवा देश है। स्वामी विवेकानंद ने सौ साल पहले कहा था कि युवाओं के सामर्थ्य से 21वीं सदी भारत की होगी। ऐसे में शक्तिशाली और सर्वगुण संपन्न भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नशामुक्ति का अभियान चल रहा है। आज हम सब मैनिट परिसर से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत' संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान' चलाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का संकल्प केवल एक विभाग का काम नहीं है। नशामुक्ति के लिए सभ्य और शिक्षित वर्ग सहित पूरे समाज की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के कुछ संभ्रांत राज्य नशे की समस्या के कारण कष्ट में आ गए थे। मध्य प्रदेश को नशामुक्त करने के लिए मन में ठोस संकल्प के साथ कदम उठाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प लिया है। हम सभी प्रकार के नशों से मुक्ति के इस कुरीति पर विजय युद्ध में फतह हासिल करके रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अटूट संकल्प शक्ति से हमारा देश नक्सलवाद की समस्या से निजात पा चुका है। मध्य प्रदेश ने 31 मार्च 2026 की समय सीमा से पहले ही लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया था। मध्य प्रदेश की धरती से दस्यु समस्या भी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। यह हमारी संकल्पबद्धता की ही परिणिति है।

सभी प्रकार के नशे से बनाएं दूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त भारत ही विकसित भारत की पहली शर्त है और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का सबसे बड़ा आधार हैं। हम अपने दैनिक जीवन में सभी प्रकार के नशे से दूरी बनाएं, क्योंकि यह शरीर को नुकसान पहुंचाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य शरीर साधना के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त कर सकता है। हमारे शरीर में असीम ऊर्जा विद्मान है। हम सब इस शक्ति का उपयोग सही दिशा में करें और नशे से दूरी बनाकर विकसित भारत@2047 के संकल्प को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ते रहें। नशा हमारे स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान सभी पर दुष्प्रभाव डालता है। नशे से घर-परिवार बर्बाद हो जाते हैं। राज्य सरकार नशे की ज़द में हो रहे अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। नशे में डूबे लोगों को पुनर्वास के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमारा शरीर स्वच्छ विचारों का एक मंदिर है। युवा शक्ति अपनी शक्ति को पहचानें, स्वयं नशे की आदतों से दूरी बनायें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा इतिहास सदियों से बेहद गौरवशाली रहा है। यह वह संस्कृति है, जहां प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी जैसे इंद्रजीत वीरों-महावीरों ने जन्म लिया। हमारी संस्कृति आत्मसंयम के साथ 'जियो और जीने दो' की भावना की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि भारत भूमि सदैव दुनिया को इसके ज्ञान और योग के लिए आकर्षित करती रही है। इसलिए हम सब पूरी दुनिया को एक परिवार मानकर सबकी भलाई और कल्याण के लिए काम करें।

उन्हाेंने कहा कि स्वस्थ युवा, समर्थ समाज और समृद्ध मध्य प्रदेश के माध्यम से हमें विकसित भारत के अमृत काल संकल्प को सिद्ध करना है। इसके लिए हम सब मिलकर यह प्रण लें कि न स्वयं नशा करेंगे, न किसी को नशे की ओर जाने देंगे और समाज में जागरूकता फैलाएंगे। प्रदेश के सभी युवाओं, सामाजिक संगठनों, आचार्यों, प्राचार्यों, शिक्षकों, चिकित्सकों, जिला और पुलिस प्रशासन सहित सभी स्वयंसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे सक्रिय होकर इस अभियान से जुड़ें और इसे एक जन आंदोलन बनाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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