मप्र में चार नई सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ, मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री नायडू ने दिखाई हरी झंडी

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मप्र में चार नई सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ, मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री नायडू ने दिखाई हरी झंडी


मप्र में चार नई सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ, मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री नायडू ने दिखाई हरी झंडी


मप्र में चार नई सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ, मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री नायडू ने दिखाई हरी झंडी


मप्र में चार नई सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ, मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री नायडू ने दिखाई हरी झंडी


- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के हवाई नेटवर्क को मिले नए पंख, : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल, 09 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू के साथ मध्य प्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया।

भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इसे मध्य प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज मध्य प्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह तक सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं।

मप्र में जल्द बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट्स, सबसे पहले सिंगरौली में बनेगा एयरपोर्ट

उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें पच्चयानवें प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्य प्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का हृदय स्थल होने के साथ विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। इन सीधी उड़ानों के प्रारंभ होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा जुड़ाव स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार भी खोलेगा।

उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जिनमें इंदौर-अबूधाबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने वाला आधारभूत ढांचा है। मध्य प्रदेश की ‘नागर विमानन नीति 2025’ के अंतर्गत राज्य सरकार हवाई सेवाओं को समर्थन दे रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से प्रांरभ हुई सीधी हवाई सेवाएं “विकसित मध्यप्रदेश” की आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करेगी।

चार नए हवाई मार्गों से मजबूत होगी प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी

आज शुभारंभ होने वाली चारों नई हवाई सेवाएं मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं। सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य शासन द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता दी जाएगी। इन चारों सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार एवं रविवार को तथा रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा से मध्य प्रदेश की राजधानी बिहार की राजधानी पटना से जुड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा से प्रदेश की राजधानी की विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। चारों नवीन हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम

सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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