मप्र में नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा : मोहन यादव

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मप्र में नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा : मोहन यादव


मप्र में नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा : मोहन यादव


मप्र में नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा : मोहन यादव


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईपीएस सर्विस मीट का किया शुभारंभभोपाल, 16 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश से नक्सल उन्मूलन के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की ड्यूटी में कई तरह की चुनौतियां होती हैं, लेकिन पुलिस बल हर समय अपने कर्तव्य पर उत्साह और उमंग के साथ डटा रहता है। सभी पुलिसकर्मी अभिनंदन के पात्र हैं, पुलिस का अनुशासन सराहनीय और अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्र विरोधी ताकतों को मध्य प्रदेश पुलिस जड़ से खत्म कर रही है। राज्य में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है। नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सराहनीय उपलब्धियां हासिल कर रही है। राज्य सरकार और पुलिस नए अनुभवों के साथ आगे बढ़ रही है। देशभक्ति और जन सेवा की भावना को और मजबूत करते हुए मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाए रखना हम सबका लक्ष्य हो।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना तथा भारतीय पुलिस सेवा संघ के अध्यक्ष चंचल शेखर ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी ली और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के साथ उनका ग्रुप फोटो हुआ। पुलिस महानिदेशक मकवाना तथा आईपीएस ऐसोसिएशन के अध्यक्ष चंचल शेखर द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान है। जल्द ही प्रदेश पुलिस को पदोन्नति की स्वीकृति का समाचार मिलेगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां भी होंगी। नए कानून लागू करने में प्रदेश पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण है। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों सहित सभी तरह के संगठित गिरोह और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से प्रदेश में किसी भी राष्ट्र विरोधी ताकत को पनपने का अवसर नहीं मिला।

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद और अपराध के गठजोड़ के प्रति सभी को चेताया है। हमें भी पराम्परागत तरीके बदलकर बड़े पैमाने पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 भविष्य की पुलिसिंग की दिशा तय करने का अवसर है। आने वाले वर्षों में हम तकनीक में दक्ष, निर्णय में तेज और जनता के प्रति अधिक संवेदनशील पुलिस व्यवस्था समाज और प्रदेशवासियों को प्रदान करें, हम सब इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें।

नक्सलमुक्त प्रदेश करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और त्वरित निर्णय रहे महत्वपूर्ण : डीजीपी

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश को नक्सलमुक्त करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और उनके द्वारा लिए गए त्वरित निर्णयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नक्सल आपरेशन्स में पुलिस निरीक्षक आशीष शर्मा का शहीद होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की राहत राशि और छोटे भाई को उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई।

मकवाना ने कहा कि डायल 112 योजना का छह माह में क्रियान्वयन और नए अपराधिक कानूनों को लागू करना वर्ष 2025 की बड़ी उपलब्धि रही। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संसाधन और रिक्त पदों की पूर्ति करते हुए तैयारियां जारी हैं। मध्यप्रदेश पुलिस बल साइबर अपराध की चुनौती का सामना करने के लिए स्वयं को निरंतर सशक्त और सक्षम बना रहा है।

देश को नारकोटिक्स से मुक्त करने का अभियान आगामी एक अप्रैल से होगा आरंभ

डीजीपी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आगामी एक अप्रैल 2026 से नारकोटिक्स से देश को मुक्त करने का अभियान आरंभ किया जा रहा है। देश को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए तीन वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। ड्रग्स माफिया के विरूद्ध पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा। ड्रग्स के बारे में जागरूकता के लिए प्रदेश में नशे से दूरी है जरूरी अभियान का भी वर्ष 2025 में सफलतापूर्वक संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों में तनाव प्रबंधन और उनके मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए हॉर्ट फुलनेस संस्था से समन्वय कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सिंहस्थ-2028, सड़क सुरक्षा, साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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