मप्र के मुख्यमंत्री ने उप्र के वाराणसी में स्थानीय व्यंजनों का लिया स्वाद, जनता से किया संवाद
- एयरपोर्ट जाते वक्त श्रीराम भंडार पर रुकवाया काफिला, सादगी देख लोग हुए प्रभावित भोपाल, 04 अप्रैल (हि.स. )। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश के वाराणसी के श्रीराम भंडार में स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया। उनकी सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया। उन्हें अपने बीच पाकर स्थानीय लोगों को यकीन ही नहीं हुआ। लोग उनसे मिलकर उत्साहित हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सादगी देख मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का शुभारंभ करने पहुंचे थे। 5 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय महानाट्य का मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ हुआ। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काफिला जब एयरपोर्ट की ओर जा रहा था, तभी वे मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर अचानक रुक गए। यहां उन्होंने बनारस की मशहूर कचौड़ी, पूरी-राम भाजी ,जलेबी और लस्सी का स्वाद चखा।
इसके बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के हर प्रांत और शहर की अपनी विशिष्ट खान-पान की शैली होती है, जो वहां की पहचान होती है। स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की कृपा से उन्हें 7 दिन में 2 बार काशी आने का अवसर मिला। यह मेरा सौभाग्य है। शहर में आध्यात्मिक ऊर्जा है। उन्होंने काशी में आयोजित विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति बेहद अद्भुत है और जो भी काशी आए, वह इसे जरूर देंखे।
आम जनता के बीच सहज मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहज और सरल व्यवहार ने आम लोगों का दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों ने भी उनसे मुलाकात कर खुशी जाहिर की और उनके इस अंदाज की सराहना की। कई लोगों ने उनसे बातचीत भी की। लोगों का कहना था कि डॉ. मोहन यादव से मिलकर ये लगा ही नहीं कि वे किसी मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

