मप्र कैबिनेट: भोपाल में खुलेगा फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर

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मप्र कैबिनेट: भोपाल में खुलेगा फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर


मप्र कैबिनेट: भोपाल में खुलेगा फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर


मप्र कैबिनेट: भोपाल में खुलेगा फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ मंजूर


- एससी वर्ग के विद्यार्थियों को हर माह मिलेगी दस हजार रुपये छात्रवृत्ति

भोपाल, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इसमें भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफटीआरआई) खोलने के साथ ही उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के छात्रों के लिए दस हजार रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप भी मंजूर की गई है।

प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफटीआरआई) खोलने को मंजूरी दी है। यह इंस्टीट्यूट प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन पर रिसर्च और बजट आकलन समेत अन्य वित्तीय व्यवस्थाओं के लिए काम करेगा। इसका संचालन शुरुआत में प्रशासन अकादमी भोपाल से किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने उज्जैन में सिंहस्थ को देखते हुए एयरपोर्ट विकसित करने के लिए 590 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण पर खर्च की जाएगी। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत यह एयरपोर्ट बनेगा और इसका काम केंद्र सरकार पूरा कराएगी। इसके बनने से सिंहस्थ के दौरान एयरबस विमानों का संचालन किया जा सकेगा, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।

उल्लेखनीय है कि उज्जैन देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहां 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर एवं सांदिपनी आश्रम स्थित है तथा सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिससे यहां पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों से आवागमन होता रहता है। विक्रम उद्योगपुरी एवं अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के कारण औद्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त उज्जैन कृषि एवं सेवा क्षेत्र की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण एवं विकासशील नगर है। इसलिए उज्जैन में हवाईपट्टी का उन्नयन/विस्तार आवश्यक है।

मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए दस हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति देने को भी मंजूरी दी है। अभी यह 2000 रुपये प्रतिमाह दी जाती थी, लेकिन महंगाई को देखते हुए अब सरकार ने इसे दस हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। अब पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट करने वाले बच्चों को यह राशि दी जाएगी। योजनांतर्गत प्रति वर्ष 100 नवीन विद्यार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थी लाभांवित होंगे। इसमें 50 नवीन स्नातक, 50 नवीन स्नातकोत्तर और 50 पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष के मान से 1.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वाणिज्यिक कर विभाग की आठ योजनाओं के लिए 2030-2031 तक 2,952 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। इसके अलावा चना एवं मसूर फसल के आगामी तीन वर्षों में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

बैठक में वन क्षेत्रों में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3039 करोड़ रुपये की स्वीकृति की गई है। पीएम श्री विद्यालय योजना के लिए 940 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान करने के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

कातन सिंचाई परियोजना को मंजूरी

मंत्रि-परिषद नेमंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना में 3500 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा और 120 गांवों के 1358 परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। योजना पर 88.41 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

25 प्रतिशत चना और 100 फीसदी मसूर खरीदी करेगी सरकार

मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद ने चना और मसूर की खरीदी को भी मंजूरी दी है। चने का भाव 5000 रुपये और मसूर का 5800 रुपये क्विंटल है। सरकार चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीदी करेगी और मसूर का 100 फीसदी खरीदी करने का फैसला किया गया है। इसके लिए 3174 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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