मप्र के कान्हा में एक और बाघ में मिला कैनाइन डिस्टेंपर वायरस, रेस्क्यू कर क्वारंटाइन सेंटर भेजा

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मप्र के कान्हा में एक और बाघ में मिला कैनाइन डिस्टेंपर वायरस, रेस्क्यू कर क्वारंटाइन सेंटर भेजा


- इस वायरस से अब तक छह बाघों की हो चुकी है मौत

भोपाल, 06 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में एक और बाघ में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की पुष्टि हुई है। फिलहाल, क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया है, जहां उसका विशेष निगरानी में इलाज जारी है।

दरअसल कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली रेंज अंतर्गत संदुकखोल क्षेत्र में एक बाघ को अजीब और असामान्य व्यवहार करते हुए देखा गया था। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे रेस्क्यू कर लिया और मुक्की रेंज स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में इलाज और निगरानी के लिए रखा है।

कान्हा टाइगर रिजर्व के उपसंचालक (कोर) पीके वर्मा ने शनिवार को बताया कि गत दिनों संदुकखोल पर्यटन क्षेत्र में घूमने आए पर्यटकों ने इस बाघ को अजीब हरकतें करते देखा था। इसकी खबर तुरंत कान्हा प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद से ही बाघ पर लगातार नजर रखी जा रही थी। वन्यजीव विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर बाघ के हालात का जायजा लिया। लगातार निगरानी के बाद बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर मुक्की रेंज के क्वारंटाइन सेंटर शिफ्ट कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि बाघ के खून के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे। शुरुआती टेस्ट में सीडीवी नेगेटिव आया था, लेकिन बाद की जांच में यह पॉजिटिव निकला है। फिलहाल उसे अलग (आइसोलेट) रखकर मुक्की क्वारेंटाइन सेंटर में इलाज दिया जा रहा है और उसकी सेहत से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

बता दें कि कान्हा टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ दिनों में सीडीवी संक्रमण की वजह से 6 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें अमही बाघिन और उसके चार शावक, साथ ही महावीर मेल बाघ भी शामिल है।

उपसंचालक पीके वर्मा ने बताया कि बाघ के शुरुआती लक्षण सीडीवी जैसे नहीं लग रहे थे, बल्कि न्यूरो से जुड़ी समस्या लग रही थी, इसी वजह से उसका रेस्क्यू किया गया। सीडीवी के खतरे को देखते हुए प्रशासन किसी भी बीमार या अजीब व्यवहार करने वाले बाघ की सूचना मिलते ही तुरंत एक्शन ले रहा है। पार्क प्रबंधन इससे पहले भी दो बाघों का कामयाब इलाज कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ चुका है। फिलहाल, इस बाघ का इलाज और डॉक्टर्स की देखरेख जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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