मप्र के ग्वालियर में पकड़ाया 100 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड, 5 आरोपी गिरफ्तार

WhatsApp Channel Join Now
मप्र के ग्वालियर में पकड़ाया 100 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड, 5 आरोपी गिरफ्तार


मप्र के ग्वालियर में पकड़ाया 100 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड, 5 आरोपी गिरफ्तार


ग्वालियर, 13 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बॉलीवुड फिल्म 'जन्नत' की तर्ज पर पॉश इलाके विंडसर हिल्स के एक किराए के डुप्लेक्स से 100 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड ऑपरेट हो रहा था। क्राइम ब्रांच और साइबर विंग ने रविवार को इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने रविवार रात करीब 8 बजे मामले का खुलासा किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा ने कार्रवाई की जानकारी देते बताया कि आरोपी ‘100पैनल’ नाम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा और गैम्बलिंग खिलवा रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह व्हाट्सएप के जरिए दुबई और श्रीलंका के सट्टेबाजों से सीधे संपर्क में था।

उन्होंने बताया कि आम आदमी सूचना के आधार पर विंडसर हिल्स के फ्लैट पर क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम बनाकर कार्रवाई की थी, यहां पर ऑनलाइन फ्रॉड की रकम को ऑनलाइन के माध्यम से कई खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था। मौके से 5 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इनमें सोहित करेर (22) - निवासी मुरार, ग्वालियर, दिनेश रायकवार (28) - निवासी दतिया, शांतनु श्रीवास (20) - निवासी मुरार, ग्वालियरस सुमित कुशवाह (26) - निवासी गोला का मंदिर, ग्वालियर और दीपक आर्य (34) - निवासी मुरार, ग्वालियर शामिल है।

आरोपियों के पास से मोबाइल, लैपटॉप सिम कार्ड, चेक बुक, पासबुक, आधार कार्ड,पैन कार्ड, क्रेडिट कार्ड सहित बरामद किए है। पकड़े गए आरोपियों ने पूरा सेटअप एक फिल्म के स्टाइल में लगा रखा था, सभी आरोपी कमीशन पर काम करते हैं। फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है और भी कई खुलासे से हो सकते हैं।

एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस उस डुप्लेक्स के मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के इतना बड़ा नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था और क्या मकान मालिक को इसकी जानकारी थी।

पुलिस ने अपील की है कि नागरिक अपने बैंक खाते, एटीएम, या सिम कार्ड किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें। म्यूल अकाउंट्स का उपयोग साइबर ठगी में होने पर मूल खाताधारक पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।

----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story