सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च

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सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च


नई दिल्ली, 13 अप्रैल (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है। यह ऐप प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से मजबूत करने और ग्रामीण एवं उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर इलाज की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

यह एप्लिकेशन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित किया गया है। इसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर के उपकेन्द्रों में स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक क्लिनिकल निर्णय-सहायक टूल के रूप में डिज़ाइन किया गया है। यह ऐप देश की 12 कॉम्प्रिहेंसिव प्राइमरी हेल्थ केयर सेवा के अनुरूप काम करता है, जिससे मरीजों की जांच और इलाज एक मानकीकृत प्रणाली के तहत किया जा सके।

इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता इसका संरचित क्लिनिकल वर्कफ़्लो है, जो स्वास्थ्य अधिकारियों को मरीज की स्थिति समझने, इतिहास लेने, शारीरिक जांच करने और आवश्यक जांचें चुनने में चरणबद्ध मार्गदर्शन देता है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है और गलतियों की संभावना कम होती है।

एप्लिकेशन में एक रंग-कोड आधारित प्रणाली भी शामिल की गई है, जिससे मरीज की गंभीरता को तुरंत समझा जा सकता है। लाल रंग गंभीर और जीवन-घातक स्थितियों के लिए तुरंत रेफरल का संकेत देता है, नारंगी रंग विशेषज्ञ सलाह की जरूरत बताता है, पीला रंग ऐसी स्थितियों को दर्शाता है जिन्हें प्राथमिक स्तर पर टेली-कंसल्टेशन के साथ संभाला जा सकता है, जबकि हरा रंग सामान्य और हल्की स्थितियों के लिए है।

इस ऐप में कई डिजिटल सुविधाएँ भी जोड़ी गई हैं, जैसे कि मरीज का पंजीकरण, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन सपोर्ट, डायग्नोस्टिक रिपोर्टिंग और फॉलो-अप ट्रैकिंग। यह सभी सुविधाएँ राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों से जुड़ी हुई हैं, जिससे मरीजों की देखभाल में निरंतरता बनी रहती है।

आईसीएमआर में आयोजित कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ किसी भी देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव होती हैं और भारत का यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज का लक्ष्य इसी मजबूत आधार पर टिका है। उन्होंने इस डिजिटल टूल को एक बड़ा सुधार बताते हुए सुझाव दिया कि भविष्य में इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी शामिल किया जाना चाहिए ताकि निर्णय लेने की क्षमता और बेहतर हो सके।

वहीं, आईसीएमआर के महासचिव राजीव बहल ने कहा कि यह लॉन्च प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर डिजिटल क्लिनिकल सपोर्ट की दिशा में एक नई शुरुआत है। उन्होंने बताया कि यह ऐप फील्ड से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर लगातार बेहतर किया जाएगा।

यह मोबाइल एप्लिकेशन भारत के प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को अधिक आधुनिक, डिजिटल और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो न केवल स्वास्थ्य अधिकारी को सशक्त बनाएगा बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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