केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की छत्तीसगढ़ सरकार के खनन क्षेत्र में नवाचारों की सराहना

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केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की छत्तीसगढ़ सरकार के खनन क्षेत्र में नवाचारों की सराहना


केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की छत्तीसगढ़ सरकार के खनन क्षेत्र में नवाचारों की सराहना


- डीएमएफ राशि के प्रभावी उपयोग पर जोर

रायपुर, 03 नवंबर (हि. स.)। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने छत्तीसगढ़ में खनन क्षेत्र में किए जा रहे तकनीकी नवाचारों, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व वृद्धि के प्रयासों की सराहना करते हुए खनिज संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि खनन से प्राप्त राजस्व का लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले स्थानीय समुदायों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

रेड्डी मंगलवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित खनन एवं कोयला क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने खनिज अन्वेषण, कोयला उत्पादन, खनिज ब्लॉकों के संचालन, क्रिटिकल मिनरल्स और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास की विस्तृत समीक्षा की।

केंद्रीय मंत्री ने खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल, ड्रोन आधारित निगरानी, डिजिटल मॉनिटरिंग और खनन गतिविधियों की स्टार रेटिंग जैसी पहलों की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने बस्तर के जनजातीय टिन संग्राहकों को उचित मूल्य और पारदर्शी भुगतान उपलब्ध कराने के लिए विकसित TIN पोर्टल को भी सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से खनिज प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

रेड्डी ने निर्देश दिए कि, डीएमएफ की राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं के विकास में प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने नक्सल प्रभावित रहे जिलों को डीएमएफ राशि के उपयोग में मिली विशेष छूट का अधिकतम लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, वैनेडियम और अन्य क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण में तेजी लाने तथा केंद्र सरकार से उपलब्ध बजट का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने खनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद शीघ्र संचालन, कोयला उत्पादन में वृद्धि और घरेलू खनिज उत्पादन को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। साथ ही खनन पूर्ण हो चुकी खदानों का वैज्ञानिक तरीके से समापन और भूमि के बेहतर पुनः उपयोग के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ को खनिजों से 16,738 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य खनिज संपदा का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग कर औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को आगे बढ़ाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, एसीएस मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, कोल इंडिया एवं एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित केंद्र और राज्य शासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

Livevns.news Desk
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