केंद्र सरकार ने 17 पाकिस्तानियों समेत 23 दहशतगर्दों को घोषित किया आतंकवादी

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नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम-1967 (यूएपीए) के तहत 23 दहशतगर्दों को आतंकवादी घोषित करते हुए उनके नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में शामिल कर दिया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं।

घोषित आतंकियों में 17 पाकिस्तानी नागरिक और छह भारतीय हैं। इनमें 13 आतंकी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद, नौ लश्कर-ए-तैयबा और एक द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़ा है। सभी वर्तमान में पाकिस्तान या पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार इन आतंकियों को भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने, आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, सीमा पार घुसपैठ, हथियार एवं गोला-बारूद की आपूर्ति, आतंकी संगठनों को रसद और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा अन्य आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद यूएपीए की धारा 35 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।

घोषित आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद के मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जेहादी और गुलाम फरीद जैसे पाकिस्तानी/पीओजेके स्थित आतंकी शामिल हैं। ये आतंकी घुसपैठ, भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति और विभिन्न आतंकी हमलों की साजिशों में शामिल रहे हैं।

इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े नेटवर्क के फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर और आबिद कयूम लोन को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। इनमें हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर और आबिद कयूम लोन जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं, जबकि वर्तमान में पाकिस्तान अथवा पीओजेके में रहकर आतंकवादी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।

गृहमंत्री कार्यालय के अनुसार ये आतंकी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, आतंक के लिए उकसाने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों को सहायता देने, धन जुटाने और आतंकियों की भर्ती में शामिल हैं। सभी 23 आतंकी फिलहाल पाकिस्तान या पीओजेके से अपने नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।

गृह मंत्री कार्यालय ने कहा कि मोदी सरकार भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद के हर मॉड्यूल और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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