महाराष्ट्र टीईटी पेपर घोटाला मामले का मुख्य आरोपित गिरफ्तार
मुंबई, 29 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) के प्रश्न पत्र लीक मामले में मुख्य आरोपित को ठाणे जिले के भिवंडी में स्थित एक होटल से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुख्य आरोपित से गहन पूछताछ कर रही है, मंगलवार को आरोपित को अदालत में पेश किया जाएगा ।
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की जानकारी मिली है। इसलिए पुलिस टीम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में कई टीमें भेजी हैं। अब तक की छानबीन में पता चला है कि टीईटी घोटाले में पांच लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें से बिहार के राजीव कुमार, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो अन्य आरोपित, जिनकी पहचान दहिया और बलिंदर सिंह के रूप में हुई है और जो हरियाणा के रहने वाले हैं, फरार हैं। जांचकर्ता उनका और मामले में उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, इस बात की संभावना है कि पुणे और राज्य के अन्य हिस्सों में पेपर की प्रतियां बेचने के लिए कई समूह एक साथ काम कर रहे थे। हमारी टीमों को इस बड़ी साजिश की जांच के लिए कई राज्यों में भेजा गया है। जांच के अनुसार, गिरोह की योजना प्रत्येक लीक हुए टीईटी प्रश्न पत्र को 2 लाख रुपये से 3 लाख रुपये के बीच बेचने की थी। इस पूरे ऑपरेशन से लगभग 1.5 करोड़ रुपये कमाने की उम्मीद कर रहे थे।
जांचकर्ता अब संभावित खरीदारों की पहचान करने और नेटवर्क की पूरी जानकारी का पता लगाने के लिए आरोपितों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रहे हैं। पुलिस उनके पहचान दस्तावेजों की भी पुष्टि कर रही है और उनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।
यह रैकेट तब सामने आया जब पुलिस उपायुक्त डॉ. पवन बंसोड़ को विशेष जानकारी मिली कि तीन व्यक्ति भिवंडी के कोंगांव में एक होटल में ठहरे हुए हैं। जानकारी के आधार पर, पुलिस की एक टीम ने 27 जून शनिवार सुबह करीब 11 बजे होटल में छापा मारा और आरोपित के पास परीक्षा के पेपर के चार सेट पाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया और उन्होंने पुष्टि की कि सवाल असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते थे। इस मामले की जांच करने और कथित अंतर-राज्यीय पेपर लीक रैकेट में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। मामले की हर ऐंगल से छानबीन जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

