महाराष्ट्र में नासिक कुंभ 2026 पर 35,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे: देवेंद्र फडणवीस
मुंबई, 05 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नासिक में कहा कि राज्य सरकार नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला 2026 पर 35,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। राज्य सरकार नासिक कुंभ को भव्य और दिव्य बनाना चाहती है।
मुख्यमंत्री फडणवीस आज नासिक में आयोजित अखिल भारतीय संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस साल का कुंभ भव्य और दिव्य होगा, यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने 35,000 करोड़ रुपये के कामों का रोडमैप पेश किया। त्र्यंबकेश्वर शहर में भगवान श्री राम और सभी संतों-महंतों का स्वागत करते हुए उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ भक्तों के लिए हम सभी सुविधाएं तैयार रखेंगे। उन्होंने कहा कि भले ही नासिक में जगह सीमित है, लेकिन ज्यादा से ज्यादा जगह देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, सनातन संस्कृति ने सब कुछ संभाल रखा है। कई हमलों के बाद भी यह अभी भी बची हुई है। हमारे पास महाराष्ट्र की वारकरी पंथ की परंपरा है। औरंगजेब ने चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न खड़ी की हों, हमारी वारकरी परंपरा जारी है। संतों के विचार न सिर्फ हमारे मन को पवित्र करते हैं बल्कि हमारी आत्मा को भी पवित्र करते हैं। इसके लिए कुंभ मेला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। सभी संत महंतों ने हमें अपना बनाया है। इसलिए हम इस साल के कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए सडक़, रेल और एयरपोर्ट की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गोदावरी नदी को साफ रखने के लिए पक्के उपाय किए जाएंगे और त्र्यंबकेश्वर में साल भर पानी बहता रहे, इसके लिए भी काम चल रहा है। अभी तक साधुग्राम के लिए किसानों से किराए पर जमीन ली जा रही थी। हालांकि, उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने अब उस जमीन को सीधे खरीदने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति कभी खत्म नहीं होती और कई हमलों के बाद भी बची हुई है। वारकरी परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संतों के विचारों से मन पवित्र होता है, इसीलिए कुंभ मेला ज़रूरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

