नासिक में बादल फटने का खतरा टला, गुजरात के लिए चेतावनी जारी

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नासिक में बादल फटने का खतरा टला, गुजरात के लिए चेतावनी जारी


मुंबई, 07 जुलाई (हि.स.)। नासिक में बादल फटने का संभावित खतरा अब टल गया है, क्योंकि भारी बारिश का मुख्य केंद्र गुजरात के सूरत की ओर बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इसके चलते गुजरात के कई जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग ने मंगलवार को कहा कि बादल अहिल्यानगर होते हुए गुजरात के सूरत की ओर सरक रहे हैं। इससे नासिक जिले पर फिलहाल बादल फटने का खतरा फिलहाल टल गया है, लेकिन जिले में तेज बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही मुंबई , ठाणे, पालघर , पुणे, रायगढ़ , सातारा और रत्नागिरी में बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

भारतीय मौसम विभाग के अधिकारी अनुपम कश्यपी ने बताया कि नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर इलाके छाए करीब 450 एमएम के बादल धीरे -धीरे अहिल्यानगर होते हुए गुजरात की ओर सरक रहे हैं। साथ ही मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई जिलों में बुधवार तक भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश की भी संभावना है।

इस चेतावनी को देखते हुए नासिक डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर आयुष प्रसाद ने प्रशासन को चुस्त और सतर्क रहने का आदेश दिया है। आयुष प्रसाद ने नागरिकों को मौसम में बदलाव को देखते हुए बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोगों को नासिक और त्र्यंबकेश्वर इलाकों में घूमने के लिए झरनों, नदियों या घाटों पर जाने से पूरी तरह बचना चाहिए।

इस बीच, आज सुबह 7 बजे से नासिक के त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, पेठ इलाकों में बारिश जारी है, वहीं नासिक में गोदावरी नदी भी दो धाराओं में बह रही है। । नासिक में पूरी रात हो रही बारिश की वजह से गोदावरी नदी के जलस्तर में वृद्धि हुी है। रामकुंड और गांधी झील जलमग्न है। सुबह धार्मिक रस्मों के लिए आने वाले टूरिस्ट अपनी जान जोखिम में डालकर यहां पूजा-पाठ करते दिखे। । प्रशासन की अपील के बावजूद टूरिस्ट अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

मौसम विज्ञान विभाग की घोषणा के अनुसार, नासिक जिले में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत, असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, कलवन ने 7, 8 और 9 जुलाई 2026 के दौरान श्री सप्तश्रृंगगढ़ धार्मिक स्थल, झरनों, ट्रेकिंग पॉइंट्स, नदी के किनारों और टूरिस्ट जगहों पर एंट्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

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