मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान 'पेन किलर' के नाम पर बांटी गईं चूहे मारने की गोलियां
मुंबई, 27 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम के दौरान नागरिकों को 'पेन किलर' (दर्द निवारक) बताकर चूहे मारने की दवा (गोलियां) बांटी गईं। इन गोलियों के सेवन से कुछ युवाओं की तबीयत बिगड़ गई है और एक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुंबई पुलिस की सतर्कता की वजह से गोलियां बांटने वाले मुख्य आरोपित को रंगे हाथों पकड़ लिया गया है और उसके पास से 14 हज़ार ज़हरीली गोलियां ज़ब्त की गई हैं।
मुंबई पुलिस उपायुक्त जयंत मीणा ने आज बताया, आरोपित ने कुछ खास लोगों को टारगेट करके उन्हें मारने या उन्हें बहुत नुकसान पहुंचाने के इरादे से 30,000 खाली कैप्सूल और 100 ग्राम 'जिंक फॉस्फाइड' (चूहों को मारने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक बहुत ज़हरीला केमिकल) ऑनलाइन ऑर्डर किया था। उसने हर कैप्सूल में एक ग्राम जिंक फॉस्फाइड भरकर ये ज़हरीली गोलियां बनाई थीं। वह जुलूस में लोगों को यह कहकर धोखा देकर ये गोलियां बांट रहा था कि यह गोली 'पेन किलर' का काम करती है।
पुलिस उपायुक्त मीणा ने बताया कि यह गोली खाने के बाद जुलूस में कुछ लोगों को पेट में तेज़ दर्द और उल्टी होने लगी। प्रभावित लोगों ने रात में पुलिस से शिकायत की। गोलियां बांटने वाले व्यक्ति पर शक होने के बाद, भायखला पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। आरोपित के मोबाइल नंबर और दूसरी टेक्निकल जानकारी (टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन) के आधार पर पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से करीब 14,000 तैयार गोलियां और करीब 50 किलोग्राम चूहे मारने की दवा मिली। मुंबई पुलिस की समय पर कार्रवाई से एक बड़ी मुसीबत टल गई है।
अगर ये 14,000 गोलियां लोगों में बांटी जातीं और कई लोग इन्हें खा लेते, तो सैकड़ों नागरिकों की जान खतरे में पड़ सकती थी। इस व्यक्ति ने इतनी बड़ी संख्या में जहर की गोलियां क्यों बनाईं? इसके पीछे उसका असली इरादा क्या था? पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह घटना इंटरनेशनल लेवल पर होने वाले 'लोन वुल्फ अटैक' (जिसमें एक अकेला व्यक्ति बिना किसी की मदद के आम नागरिकों को टारगेट करता है और बड़ा हमला करता है) जैसी है। पुलिस सभी एजेंसियों की मदद से जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि इस मामले में कोई टेररिस्ट लिंक तो नहीं है।
इस मामले में गिरफ्तार 39 साल के आरोपित की पहचान पुणे के विमाननगर इलाके के रहने वाले फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है। जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपित के घर की तलाशी ली, तो उन्हें 14,900 से ज़्यादा तैयार कैप्सूल और 50 किलोग्राम 'जिंक फॉस्फाइड' (चूहों को मारने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक बहुत ज़हरीला केमिकल) मिला, जिसे नागरिकों को बहुत नुकसान पहुंचाने के इरादे से ऑनलाइन ऑर्डर किया गया था। आरोपी ने चौंकाने वाला कबूलनामा किया है कि उसने हर कैप्सूल में 1-1 ग्राम जिंक फॉस्फाइड मिलाकर ये ज़हरीली गोलियां बनाई थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह आरोपित इससे पहले 2025 में ईरान और इराक गया था। मुंबई पुलिस इस घटना के पीछे के असली मकसद का पता लगाने और यह पता लगाने के लिए कि इसका कोई इंटरनेशनल या टेररिस्ट कनेक्शन है या नहीं, पूरी गंभीरता से आगे की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

