महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को सुलझाने के लिए लड़ाई जारी रहेगी : फडणवीस

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महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को सुलझाने के लिए लड़ाई जारी रहेगी : फडणवीस


महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को सुलझाने के लिए लड़ाई जारी रहेगी : फडणवीस


मुंबई, 08 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई में कहा कि महाराष्ट्र सरकार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा इलाके में मराठी भाइयों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके जायज़ हक के लिए पूरी कोशिश करती रहेगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस आज विधान भवन में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर हाई-पावर्ड कमेटी की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में उच्चस्तरीय समिति के सदस्य उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, राज्यसभा सदस्य शरद पवार, लोकसभा सदस्य नारायण राणे, उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल, पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, विधायक जयंत पाटिल आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा मुद्दे को लेकर कई वर्षों से लगातार संघर्ष चल रहा है। सीमा मुद्दे की सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई जल्द शुरू हो, इसके लिए वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी और कर्नाटक में मराठी बंधुओं के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों के संबंध में उन्हें सक्षम कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। सीमा क्षेत्र के मराठी बंधुओं को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और पूरा महाराष्ट्र उनके पीछे मजबूती से खड़ा है। सरकार कमेटी के उठाए गए सभी सुझावों और पेंडिंग मुद्दों पर ज़रूरी एक्शन लेने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लिंग्विस्टिक माइनॉरिटीज़ कमीशन से जुड़ी सारी जानकारी इक_ा करके महाराष्ट्र के सभी सांसदों को भेजी जाएगी, ताकि यह मुद्दा पार्लियामेंट में असरदार तरीके से उठाया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट में बॉर्डर मुद्दे की सुनवाई जल्दी शुरू हो, यह पक्का करने के लिए राज्य सरकार की तरफ से ज़रूरी अर्जी दी जाएगी। साथ ही, इस मामले के लिए ज़रूरत के हिसाब से सीनियर वकीलों को अपॉइंट करने के लिए भी एक्शन लिया जाएगा। सरकार के सीनियर लीगल एक्सपर्ट भी इस मामले में एक्टिव रोल निभाएंगे। महाराष्ट्र सरकार कर्नाटक में मराठी भाइयों को उनके खिलाफ फाइल किए गए अलग-अलग केस के सिलसिले में काबिल लीगल मदद देने के लिए वकील अपॉइंट करेगी। इन मामलों पर होने वाला खर्च महाराष्ट्र सरकार उठाएगी। उन्होंने साफ़ किया कि इस मिनिस्टीरियल कमेटी के ज़रिए एक असरदार कोऑर्डिनेशन सिस्टम बनाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

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