मुंबई-पालघर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, दृश्यमानता कम होने से हवाई सेवा भी बाधित

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मुंबई-पालघर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, दृश्यमानता कम होने से हवाई सेवा भी बाधित


मुंबई, 05 जुलाई (हि.स.)। मुंबई और पालघर जिले में पिछले पांच दिनों से हो रही तुफानी मूसलाधार बारिश से रविवार को जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। साथ ही बारिश और दिन भर छाए काले बादलों की वजह से दृश्यमानता कम हुई है, जिसका असर हवाई सेवा पर पड़ा है।

भारतीय मौसम विभाग ने रविवार शाम को सूबे में आगामी तीन दिनों तक कई जिलों में अत्यंत तेज, तेज और मध्यम बारिश की चेतावनी दी है। इससे महाराष्ट्र के आपातकालीन विभाग ने प्रशासन को सतर्क रहने, समुंद्र में न जाने, आवश्यक काम न हो तो घर से बाहर न निकलने की अपील की है।

मुंबई में हो रही तूफानी बारिश की वजह से आज छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रनवे का कामकाज रविवार को सुबह 10.17 बजे से 11.17 बजे के बीच रनवे का कामकाज रोकना पड़ा, जिससे आने और जाने वाली दोनों तरह की फ्लाइट्स बाधित हुईं। खराब मौसम के कारण इंडिगो की चार फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं और अलग-अलग एयरलाइंस की 13 आने वाली फ्लाइट्स का रास्ता बदलना पड़ा। हालात सुधरने के बाद रास्ता बदली गई सभी फ्लाइट्स मुंबई लौट आईं और सुरक्षित उतर गईं।

एयरपोर्ट ऑपरेटर ने कहा कि कामकाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह रोक जरूरी थी। सुबह 10.17 बजे, खराब मौसम की स्थितियों, जिसमें 42 नॉट तक की तेज हवाएं और भारी बारिश के कारण कम विज़िबिलिटी शामिल थी, ने रनवे के कामकाज को प्रभावित किया।

इसमें आगे कहा गया कि यात्रियों, विमानों और ज़मीनी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रनवे का कामकाज कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, जिसके बाद लगभग एक घंटे बाद सामान्य सेवाएं फिर से शुरू हुईं। इस रुकावट के कारण यात्री फंस गए क्योंकि एयरपोर्ट पर देरी का असर फैल गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के सूत्रों ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट रोजाना 980 से 1,000 फ्लाइट्स का संचालन करता है, जिसमें हर घंटे औसतन 48 विमानों की आवाजाही होती है, जिसमें 24 का आना और 24 का जाना शामिल है। इंडिगो ने चार उड़ानें रद्द कीं। इनमें दिल्ली से मुंबई के लिए 6ई 395, मुंबई से इंदौर के लिए 6ई 5273, इंदौर से मुंबई के लिए 6ई 552 और मुंबई से दिल्ली के लिए 6ई 6613 शामिल हैं।

रविवार को सुबह से दोपहर मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में तुफानी हवाओं सहित तेज बारिश हो रही थी, जो दोपहर में कुछ देर के लिए विश्राम की अवस्था में चली गई। लेकिन इससे मुंबई ठाणे और पालघर की सड़कें, निचले इलाके लबालब हो गए। मुंबई में तेज हवाओं की वजह से करीब दौ सौ ज्यादा पेड़ गिर गए। आज कुर्ला में पेड़ गिरने से युनुस कुंदावाला की मौत हो गई, जबकि शनिवार को आरे इलाके में पेड़ गिरने से हसन रजा (१९) की मौत हो गई थी। जबकि चार दिन पहले चेंबूर में निजी स्कूल पर बस गिरने से विहान श्रीवास्तव नामक एक छात्र की मौत और भाइंदर में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। इस तरह अब तक पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरने एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

मुंबई में दोपहर तक हुई भारी बारिश से अंधेरी सब वे, मिलन सब वे, किंग सर्कल सहित निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। इन सभी जगहों पर मुंबई नगर निगम के कर्मचारी पंपिंग के सहयोग से जलनिकासी का काम कर रहे हैं। मुंबई की महापौर रीतू तावड़े ने बताया कि वे खुद जीरो ग्राउंड पर जल निकासी का काम जल्द पूरा हो जाएगा। रीतू तावड़े ने आज कुर्ला में पेड़ गिरने के घटनास्थल का भी दौरा किया और इस घटना में मृतक व्यक्ति के परिवार वालों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। महापौर ने जबकि पूर्व महापौर पेडणेकर ने इस मामले में जिम्मेदार बीएमसी और कांट्रैक्टर पर मानव वध का मामला दर्ज करने की मांग की है।

पालघर जिले में स्थित वसई में नमक की जमीन पर (मीठागार) इलाका पिछले पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह हुए जलभराव से घिर गया है। इस क्षेत्र में १४५ परिवार आज भी पानी से घिरे हैं, इन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। भारी बारिश से नालासोपारा इलाके में रेलवे स्टेशन का इलाका, अल्कापुरी, मधुबनी आदि इलाके जलमग्र हो गए हैं। इन इलाकों में स्थानीय नगर निगम की ओर से जलनिकासी का काम अब भी जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

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