मराठवाड़ा के हिंगोली और नांदेड़ में भूकंप के लगातार झटके, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

WhatsApp Channel Join Now

मुंबई, 03 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में शनिवार सुबह लगातार भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। हिंगोली और नांदेड़ जिलों के कई इलाकों में कंपन महसूस किया गया। हिंगोली जिले में सुबह 7.47 बजे 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार इसका केंद्र हिंगोली जिले की औंढा नागनाथ तहसील के गढाला क्षेत्र में था।

जिला प्रशासन के अनुसार, शुरुआती भूकंप के बाद सुबह 10 बजे तक हिंगोली क्षेत्र में तीन और झटके महसूस किए गए। इनमें सुबह 9.43 बजे, 9.51 बजे और 10 बजे आए कंपन शामिल हैं। लगातार झटके महसूस होने से लोगों में भय का माहौल बन गया और कई लोग घरों से निकलकर खुले स्थानों पर पहुंच गए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कंपन के दौरान जमीन के भीतर से गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दी। कई घरों में रखे बर्तन और लकड़ी का सामान हिलने लगा। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप के झटकों से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

हिंगोली के साथ नांदेड़ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी शनिवार सुबह करीब 9.43 बजे भूकंप का झटका महसूस किया गया। कंपन महसूस होते ही कई लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नांदेड़ में भी फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

उल्लेखनीय है कि मराठवाड़ा में लगातार भूकंपीय गतिविधि के बीच गुरुवार रात करीब 9.41 बजे वसमत तहसील के पंगरा शिंदे क्षेत्र में जमीन के भीतर से तेज आवाज सुनाई देने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, उस घटना का कोई आधिकारिक सिस्मोग्राफ रिकॉर्ड नहीं मिला था।

लगातार कंपन से स्थानीय लोगों को जुलाई में क्षेत्र में आए भूकंपों की याद ताजा हो गई है। इसके चलते ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।

वसमत के उपविभागीय अधिकारी विकास माने ने बताया कि शनिवार सुबह 7.47 बजे दर्ज भूकंप की तीव्रता 3.3 थी। उन्होंने कहा कि इसकी तीव्रता कम है, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहें और किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

Share this story