(अपडेट)महाराष्ट्र के भिवंडी बिल्डिंग हादसे में १० की मौत, ४ घायल

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(अपडेट)महाराष्ट्र के भिवंडी बिल्डिंग हादसे में १० की मौत, ४ घायल


मुंबई, 31 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित भिवंडी में चार मजली बिल्डिंग हादसे में अब तक १० लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक ही परिवार के चार लोग शामिल हैं। इस घटना में चार घायलों का इलाज इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल में हो रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि इस घटना में मृतकों के प्रति सरकार संवेदनशील है। लेकिन घटनास्थल पर चोरी से मरम्मत काम हो रहा था, जो कि बहुत ही अक्षम्य है। इस घटना की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी और दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस घटना में मृतकों के आश्रितों को प्रत्येक 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी और घायलों को ५० हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी।

ठाणे जिला प्रशासन के अनुसार भिवंडी के बालाजी नगर-गंगारामवाड़ी में स्थित चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट अचानक बीती रात अचानक गिर जाने से अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों के मलवे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर अभी भी एनडीआरएफ, टीडीआरएफ की ओर से स्थानीय फायर ब्रिगेड के साथ राहत और बचाव कार्य जारी है।

इस घटना में अब तक १४ लोगों को मलवे से निकाला गया है। इनमें से १० लोगों की मौत हो गई है जबकि ४ घायल हैं। चारों घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। इस घटना में मृतकों की पहचान शमीम शेख (३२), रंजीत सिंह (४५), सिराज रसूल शेख (३४),संतोष कुमार पांडे (४२), शमीम अंसारी (३०), अशोक कुमार पासवान, राकेश कुमार पासवान, मुकेश कुमार पासवान , किश कुमार पासवान और एक अन्य के रुप में की गई है। यह चारों उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले थे।

इनमें अशोक कुमार पासवान और राकेश कुमार पासवान सगे भाई थे, जबकि मुकेश कुमार पासवान अशोक कुमार के मामा का लडक़ा था और किश कुमार पासवान अशोक कुमार का रिश्तेदार था। अशोक कुमार की पत्नी ने पत्रकारों को बताया कि वह सभी चारों शव उत्तर प्रदेश ले जाना चाहती हैं, लेकिन उसके पास पैसे नहीं है। एंबुलेंस वाले सवा लाख से डेढ़ लाख रुपये मांग रहे हैं। अभी तक किसी ने अशोक कुमार की पत्नी के आंसुओं की ओर ध्यान नहीं दिया है।

राज्य के मंत्री गिरीश महाजन ने आज दोपहर में घटनास्थल का दौरा किया और इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस इमारत को घोखादायक घोषित कर दिया गया था और स्थानीय नगर निगम ने इस इमारत में रहने वालों को खाली करवा लिया था। इसके बाद इस इमारत की भूतल मजले पर मरम्मत काम जारी था। इमारत ढहने पर यह सभी मजदूर हादसे का शिकार हुए हैं।

महाजन ने कहा कि इस घटना में मृतकों के प्रति सरकार संवेदनशील है और नियमानुसार मदद की जाएगी, लेकिन इमारत की चोरी से मरम्मत करने वालों की उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटनास्थल पर अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है। घटनास्थल पर बिल्डिंग के मलवे में और भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका स्थानीय नागरिकों ने व्यक्त की है। इसलिए मौके पर बहुत ही सावधानी से बचाव कार्य और मलवा हटाने का काम किया जा रहा है। भिवंडी पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

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