देश श्री गुरु तेग बहादुर साहिबजी के बलिदान का हमेशा कर्जदार रहेगा : अमित शाह
मुंबई, 01 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को नवी मुंबई में स्थित खारघर में कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिबजी की शहादत, जिन्हें पूरे देश में हिंद दी चादर के नाम से सम्मान दिया जाता है, न केवल सिख समुदाय के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। देश हमेशा उनके बलिदान का कर्जदार रहेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अल्पसंख्यक विकास विभाग और राज्य स्तरीय समागम समिति की ओर से नवी मुंबई के खारघर में ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिबजी के 350वें शहीदी समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस पहल का महत्व बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, बाबा हरनाम सिंह जी ने 'हिंद की चादर' का संदेश हर गुरुद्वारे और हर बस्ती तक पहुंचाने का बहुत अच्छा काम किया है। राज्य सरकार द्वारा पहले नांदेड़ और नागपुर में आयोजित 'हिंद की चादर' उत्सव को अचानक प्रतिक्रिया मिली और उन्होंने यह भी कहा कि नवी मुंबई में कार्यक्रम में सिख भाइयों सहित समाज के विभिन्न वर्गों की बड़ी भागीदारी रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग के जरिए कहा कि गुरु द्वारा दिया गया त्याग और सामाजिक एकता का संदेश आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना पहले था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरु ने त्याग की पराकाष्ठा को प्राप्त किया। उस दौरान समाज के सभी वर्ग एक साथ खड़े हुए। समाज को सच्चाई और संस्कृति के लिए अडिग रहने की प्रेरणा मिली। सामाजिक एकता के इस महान बलिदान में गुरु गोबिंद सिंह और गुरु नानक नाम लेवा संगत ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज जब देश को फिर से सामाजिक एकता की ज़रूरत है, तब यह समागम उम्मीद जगाने वाला साबित हो रहा है। यह यात्रा पिछले साल नागपुर से शुरू हुई थी। उसके बाद तख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड़ में प्रोग्राम हुआ और अब यह समागम नवी मुंबई में एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। इस पहल के ज़रिए श्री गुरु तेग बहादुर की वीरतापूर्ण कहानी महाराष्ट्र के हज़ारों गांवों तक पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस आयोजन के लिए महाराष्ट्र सरकार को बधाई दी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, अखिल भारतीय धर्मजागरण के प्रमुख शरदराव धोले, शहीदी समागम समिति के मार्गदर्शक बाबा हरनाम सिंह जी, दमदमी टकसाल के मुखी, संत समाज के प्रधान, बंजारा समाज के धार्मिक गुरु बाबूसिंह महाराज, राज्य स्तरीय समन्वय समिति के समन्वयक रामेश्वर नाइक, राज्य स्तरीय समन्वय समिति के संयोजक बाल मलकीत सिंह आदि मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

