सरकार ने एक बार फिर परामर्श जारी कर रुसी सेना में शामिल होने से बचने की सलाह दी

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नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर भारतीयों को स्वेच्छा या नौकरी के झांसे में आकर रुसी सेना में शामिल होने के खतरों के प्रति आगाह किया है। मंत्रालय ने हाल ही में आए अलग-अलग प्रकार के मामलों का उदाहरण देते हुए कहा है कि भारतीय किसी लालच में आकर स्वयं की जान खतरे में डालने से बचें।

विदेश मंत्रालय ने आज एक विज्ञप्ति जारी कर फिर परामर्श जारी किया है। इसमें मंत्रालय ने दोहराया है कि भारत सरकार रूसी सशस्त्र बलों में कार्यरत सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कुशलक्षेम और शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के लिए रूसी पक्ष के साथ निरंतर संपर्क में है।

मंत्रालय का कहना है, “हमें लगातार ऐसी खबरें मिल रही हैं कि भारतीय नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में सरकार ने कई बार इस तरह की कार्रवाई में निहित जोखिमों और खतरों पर जोर दिया है और भारतीय नागरिकों को समय-समय पर विदेश में नौकरी के अवसरों की तलाश करते समय सतर्क रहने और किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दिए गए नौकरी के प्रस्तावों के झांसे में न आने की सलाह दी है।”

इसमें आगे बताया गया है कि ऐसे कई मामले मिले जिसमें व्यक्ति स्वेच्छा से रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने के प्रस्तावों को स्वीकार कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि इससे आर्थिक लाभ मिलेगा और बाद में भारतीय सरकार से संपर्क करके वे अपनी रिहाई करवा लेंगे। यह दोहराया जाता है कि यह एक खतरनाक रास्ता है और सरकार द्वारा इसे पूरी तरह से हतोत्साहित किया जाता है।

वहीं, ऐसे भी कई मामले सामने आए हैं जिनमें व्यक्तियों ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क करके स्वेच्छा से अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी है। रूसी पासपोर्ट प्राप्त किया और फिर रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती हो गए हैं। कुछ लोगों ने अस्थायी आर्थिक लाभों के लालच में भारतीय अधिकारियों से परामर्श किए बिना ही ऐसा कर लिया है।

मंत्रालय ने सलाह दी है कि व्यक्तियों को ऐसे कार्यों की गंभीरता पर विचार करना चाहिए और उन जानलेवा खतरों को समझना चाहिए जिनका वे सामना करेंगे। सरकार भारतीय नागरिकों को ऐसे कार्यों से बचने की सलाह देती है।

इसके अलावा मंत्रालय को जानकारी मिली है कि स्वयंसेवी समूहों सहित गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा विदेशी नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किया जा रहा है। भारतीय नागरिकों को विदेश मंत्रालय में पंजीकृत न होने वाले ऐसे एजेंटों से नौकरी के प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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