कनाडा के हस्तक्षेप संबंधी आरोप को विदेश मंत्रालय ने किया खारिज
नई दिल्ली, 07 मई (हि.स.)। विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार की खुफिया एजेंसी के इस आरोप को खारिज कर दिया कि भारत उसके आतंरिक मामलों में दखलंदाजी कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कनाडा सरकार भी इस बात को स्वीकार करने लगी है कि उसकी धरती पर खालिस्तान समर्थक उग्रवादी सक्रिय हैं, जिससे भारत ही नहीं कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि `कनाडा की खुफिया एजेंसी (सीएसआईएस) की रिपोर्ट में भारत पर दखलंदाजी का आरोप लगाया गया है, उसका हम खंडन करते हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। उसकी नीति किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की नहीं है।' उन्होंने कनाडा सरकार से आग्रह किया कि वह इन मुद्दों का राजनीतिक उद्देश्यों से प्रयोग करने के बजाय इन पर अन्य मंचों पर विचार के लिए रखे।
प्रवक्ता ने कहा कि खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में इस बात को स्वीकारा गया है कि खालिस्तानी उग्रवादी कनाडा में लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और संस्थानों का दुरुपयोग कर रहे हैं तथा उग्रवाद के प्रचार-प्रसार के साथ हिंसक कार्रवाईयों के लिए धन की उगाही कर रहे हैं। भारत ने कनाडा सरकार से लगातार आग्रह किया है कि वह ऐसे भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करे। साथ ही भारतीय राजनयिकों और नेताओं को धमकी देने, हिंसा का महिमामंडन करने, धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ करने, तथाकथित जनमत संग्रह करने जैसे हथकंडों के जरिए पृथकतावाद की गतिविधियों पर रोक लगाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

