दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल से 35 किमी दूर, आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल

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दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल से 35 किमी दूर, आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल


दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल से 35 किमी दूर, आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल


नई दिल्ली, 26 मई (हि.स)। पिछले चार दिनों से करल से लगभग 35 किलोमीटर दूर अटके हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले दो-तीन दिनों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मानसून के सभी फैक्टर पूरे नहीं होने के कारण केरल में इसके दस्तक देने की घोषणा नहीं की जा रही है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून के आज (26 मई) केरल पहुंचने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया था। इसके साथ ही चार दिन आगे-पीछे आने की बात भी कही गयी थी, लेकिन पिछले चार दिनों से मानसून केरल से लगभग 35 किलोमीटर दूर ही अटका हुआ है। हालांकि केरल में बारिश तो हो रही है मगर मानसून आने के सभी फैक्टर पूरे नहीं हुए हैं, इसलिए मौसम विभाग ने अभी केरल में मानसून आने की घोषणा नहीं की है।

आईएमडी के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा 26 मई को लगातार 7°उत्तर/60°पूर्व, 7°उत्तर/70°पूर्व, 7°उत्तर/75°पूर्व, 8°/80°पूर्व, 10°/85°पूर्व, 13.5°उत्तर/90°पूर्व और 17°उत्तर/95°पूर्व से होकर गुजर रही है। अगले दो-तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तथा अंडमान सागर के शेष हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

आईएमडी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से राहत मिलने तथा अधिकतम तापमान में कमी आने की संभावना है।

दिल्ली में बुधवार को आसमान साफ़ रहने और कुछ जगहों पर 20-30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने के आसार हैं। यहां का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 44-46 डिग्री सेल्सियस और 27-29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। गुरुवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम के समय गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने तथा 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

वहीं, 29 मई को आमतौर पर बादल छाए रहने और सुबह या दोपहर के समय गरज के साथ हल्की बारिश होने तथा 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। इस दिन का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 35-37 डिग्री सेल्सियस और 25-27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटे के दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि अधिकतम तापमान 43-44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके अलावा अगले 3-4 दिनों के दौरान मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में तथा अगले 2-3 दिनों के दौरान पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में भीषण लू की स्थिति जारी रहने की चेतावनी दी है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 27-28 मई तक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 27 मई, पश्चिमी राजस्थान में 27-28 मई तक, मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 27-29 मई तक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 27-28 मई तक, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा तेलंगाना के कुछ इलाकों में 27-28 मई तक भीषण लू चलने के आसार हैं। हालांकि 29 मई से इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में कमी आने और भीषण लू से राहत मिलने की संभावना है।

इसके अलावा गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और कोंकण में 27 मई तक, सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 27-28 मई तक, तमिलनाडु में 27-29 मई तक, ओडिशा में 27-30 मई तक, तटीय आंध्र प्रदेश में 29-30 मई तक गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ इलाकों में 26-27 मई को, ओडिशा के कुछ इलाकों में 26 मई को रातें गर्म रहने का अनुमान है। अगले 2-3 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्व और उससे सटे पूर्वी भारत में तथा आज केरल एवं तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।

नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 मई को, अरुणाचल प्रदेश में 27 मई-01 जून को, असम में 26-28 मई, असम और मेघालय में 31 मई-01 जून, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27-31 मई एवं 01 जून को, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल, माहे एवं लक्षद्वीप में 27-28 मई, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना और रायलसीमा में 27-30 मई को, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 मई-01 जून को तेज हवाओं और गरज के साथ भारी वर्षा होने का अनुमान है।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आधिकारिक आगमन की सामान्य तिथि एक जून मानी जाती है। आईएमडी इसी तारीख को आधार मानकर पूरे देश में मानसून के आगे बढ़ने का पूर्वानुमान व्यक्त करता है। केरल भौगोलिक रूप से भारतीय प्रायद्वीप के दक्षिण-पश्चिम छोर पर स्थित है, जिसके कारण हिंद महासागर और अरब सागर से उठने वाली नमी से भरी हवाएं सबसे पहले इसी राज्य से टकराती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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