मणिपुर में हुए दोहरे धमाकों की जांच एनआईए के जिम्मे

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मणिपुर में हुए दोहरे धमाकों की जांच एनआईए के जिम्मे


इंफाल, 06 जनवरी (हि.स.)। मणिपुर पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार काे बताया कि 5 जनवरी को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हुए दोहरे धमाकों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है।

फौगाकचाओ पुलिस स्टेशन इलाके के नगाउकोन गांव में हुए लगातार धमाकों में दो लोग घायल हो गए थे। पहला धमाका, जिसके बारे में माना जा रहा है कि यह एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से हुआ था, साेमवार की सुबह करीब 5.45 बजे एक खाली घर में हुआ। दूसरा धमाका करीब 200 मीटर दूर सुबह करीब 8.45 बजे हुआ, जब पहले धमाके के बारे में पता चलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए थे।

मामले के हस्तांतरण की पुष्टि करते हुए मणिपुर पुलिस ने एक बयान में कहा कि मामले को आगे की जांच के लिए एनआईए को भेज दिया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। धमाकों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास भी जारी हैं।

बताया जा रहा है कि जिस घर में पहला धमाका हुआ था, वह मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से खाली पड़ा था, मालिक और उसका परिवार फिलहाल एक राहत शिविर में रह रहा है।

इस घटना से राज्य में तनाव और बढ़ गया है, जहां मैतेई और कुकी समुदायों के बीच लंबे समय से अशांति और हिंसा देखी जा रही है। करीब दो साल पहले जातीय झड़पें शुरू होने के बाद से सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

धमाकों के जवाब में, इंडिजिनस पीपल ऑर्गनाइजेशन और ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन सहित कई संगठनों ने बुधवार आधी रात से शुरू होने वाले 24 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बीच, मैतेई नागरिक संगठन कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (सीओसीओएमआई) ने घटना की तत्काल, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की।

फरवरी, 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है, क्योंकि मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपनी सरकार द्वारा जातीय हिंसा से निपटने के तरीके पर बढ़ती आलोचना के बीच इस्तीफा दे दिया था।

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

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