(अपडेट) मन की बात: ऊर्जा संकट पर अफवाहों से बचने और एकजुटता का आह्वान

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(अपडेट) मन की बात: ऊर्जा संकट पर अफवाहों से बचने और एकजुटता का आह्वान


नई दिल्ली, 29 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संघर्ष की वैश्विक स्थिति और ऊर्जा संकट पर चिंता जताते हुए रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम से एक बार फिर देशवासियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के कारण पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में अफवाहों से दूर रहना और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में आज उक्त बातें कहीं। उन्होंने खाड़ी देशों के संघर्ष के बीच वहां रह रहे भारतीयों को संभालने के लिए दिए सहयोग पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की ऊर्जा आवश्यकताएं इस क्षेत्र से जुड़ी हैं, जिससे मौजूदा संघर्ष का असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों का उपयोग कर स्थिति का सामना कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस विषय पर राजनीति करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ लोगों से जुड़ा मुद्दा है और इसमें स्वार्थ की राजनीति का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को देश के लिए हानिकारक बताया और नागरिकों से अपील की कि वे केवल सरकारी जानकारी पर भरोसा करें।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कई देशों में ईंधन संकट की स्थिति बनी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश की पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण में जनभागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘ज्ञान भारतम्’ पहल के तहत पांडुलिपियों का संरक्षण और उनसे जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके लिए एक ऐप भी विकसित किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने पास सुरक्षित पांडुलिपियों की जानकारी साझा करें।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आईसीसी टी-20 विश्व कप में भारतीय पुरुष टीम की जीत और रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक उपलब्धि की चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के एथलीट कुलवीर सिंह की उपलब्धि का जिक्र किया, जिन्होंने न्यूयॉर्क सिटी हाफ मैराथन में तीसरा स्थान प्राप्त किया। वह एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन पूरा करने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने अनाहत सिंह द्वारा स्क्वैश ऑन फायर ओपन जीतने और 8 मार्च को ‘अस्मिता’ महिला लीग के आयोजन का भी उल्लेख किया और कहा कि देश में नारी शक्ति खेलों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रधानमंत्री ने हर बार की तरह इस बार भी स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने नियमित व्यायाम, योग और संतुलित आहार की आवश्यकता पर बल दिया। एक प्रसंग में उन्होंने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक कंटेंट क्रिएटर युवराज दुआ के अनुरोध का उत्तर दिया, जिसका उनके पिता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और उन्होंने शुगर का सेवन कम कर दिया।

उन्होंने बेंगलुरु के ‘प्रयोग इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च’ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान बच्चों को विज्ञान के व्यावहारिक अनुभव से जोड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने नागा समुदाय की ‘मोरुंग’ प्रणाली का उल्लेख किया, जो परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय प्रस्तुत करती है।

प्रधानमंत्री ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने त्रिपुरा के वांगमुन गांव, छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले और तेलंगाना के मुधिगुंटा गांव के उदाहरण दिए, जहां वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने मछुआरों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नवाचार हो रहे हैं और मछुआरे भाई-बहन आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में वाराणसी में एक घंटे के भीतर 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया। वहीं, नागालैंड के चिजामी गांव की महिलाएं 150 से अधिक पारंपरिक बीजों की किस्मों को संरक्षित कर रही हैं। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से इन बीजों को कम्युनिटी सीड बैंक में सुरक्षित रखा जा रहा है।

उन्होंने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से देशभर में लोगों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव के विषय को भी अपने कार्यक्रम में शामिल किया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे माय भारत युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ रहा है। इसके माध्यम से हाल ही में आयोजित बजट क्वेस्ट से युवाओं के विचार सामने आए, जो देश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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