मालदा के कालियाचक में बवाल, तृणमूल से जुड़े लोगों ने वीडियो ऑफिस घेरा, अंदर बंद हैं न्याय विभाग के सात अधिकारी
कोलकाता, 01 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप को लेकर बुधवार को सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार कालियाचक-2 प्रखंड कार्यालय में विशेष सघन पुनरीक्षण कार्य के लिए पहुंचे सात न्यायिक अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के घेराव के कारण घंटों तक कार्यालय के भीतर ही रुकना पड़ा है। इनमें तीन महिला अधिकारी भी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम सूची से हटाया गया है तो उसे न्यायाधिकरण में अपील करने की प्रक्रिया बताई जा रही है, लेकिन उनकी मांग है कि पहले उनकी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और उसके बाद ही मतदान कराया जाए।
इसी मांग को लेकर बुधवार सुबह से मालदा के विभिन्न क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। मोथाबाड़ी और सुजापुर इलाकों में भी तृणमूल से जुड़े लोगों के एक वर्ग ने प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 12 को अवरुद्ध कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुआ यह अवरोध देर रात तक जारी रहा।
इस बीच कालियाचक-2 प्रखंड कार्यालय के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे। उस समय वहां मौजूद न्यायिक अधिकारियों को भी प्रदर्शन के कारण बाहर निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि वे अभी निकल नहीं पाए हैं।
घटना से जुड़े जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र होकर नारेबाजी और माइक के माध्यम से विरोध जताते देखा गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों से सड़क जाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन देर रात तक उन्हें हटाया नहीं जा सका।
मालदा के पुलिस अधीक्षक अनुपम सिंह ने बताया कि स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने फिलहाल इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

