अमित शाह ने किया, महालक्ष्मी मंदिर की विकास परियोजना का शुभारंभ

WhatsApp Channel Join Now
अमित शाह ने किया, महालक्ष्मी मंदिर की विकास परियोजना का शुभारंभ


कोल्हापुर, 20 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित सुप्रसिद्ध श्री महालक्ष्मी मंदिर के पुनरोद्धार की एक परियोजना का आज यहां शुभारंभ किया गया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे की माैजूदगी में 1445.97 करोड़ रुपये की करवीर निवासिनी श्री अंबाबाई मंदिर के संरक्षण, संवर्धन और परिसर विकास परियाेजना की शुरुआत की। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी पत्नी के साथ श्री अंबाबाई के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद राम मंदिर में उत्सवमूर्ति की पूजा की गई।

इसके बाद मंदिर परिसर में विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला का अनावरण भी किया गया। इस माैके पर जिलाधिकारी डॉ. विजय राठौड़ ने नए परिक्रमा मार्ग सहित मुख्य मंदिर के संरक्षण, संवर्धन और विकास कार्यों की प्रस्तुति दी।

इस कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल में काेल्हापुर के पालकमंत्री प्रकाश आबिटकर, मंत्री चंद्रकांत पाटील, हसन मुश्रीफ, एडवाेकेट आशीष शेलार, संजय सावकारे, मकरंद पाटील, माधुरी मिसाल सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। ।

राज्य मंत्रिमंडल ने गत वर्ष 6 मई को इस विकास परियाेजना को मंजूरी दी थी। पहले चरण में 143.90 करोड़ रुपये के कार्य शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें मंदिर का संरक्षण, मरम्मत, विद्युतीकरण, सीसीटीवी व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था का नवीनीकरण किया जा रहा है।

इस योजना के अंतर्गत दर्शन मंडप, अन्नछत्र, सूचना केंद्र, वेदपाठशाला, भोजनगृह, मल्टीपर्पज हॉल, सुरक्षा व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र, वाहन पार्किंग, दुकानें, एम्फीथिएटर सहित विभिन्न सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा परिसर में स्थित 41 छोटे-बड़े मंदिरों का संरक्षण और नगर परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।

कोल्हापूर का श्री महालक्ष्मी मंदिर भारत के प्राचीन, जागृत और प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। लगभग एक हजार वर्ष से अधिक इतिहास वाले इस मंदिर का उल्लेख विभिन्न पुराणों और ऐतिहासिक ग्रंथों में मिलता है। हेमाडपंथी स्थापत्य शैली, समृद्ध शिल्पकला और धार्मिक परंपराओं का अद्वितीय संगम यह मंदिर देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

मंदिर परिसर में बुनियादी ढांचे का उन्नयन, विरासत संरक्षण, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं और पर्यटन विकास—इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह योजना लागू की जा रही है। विकास और विरासत संरक्षण के संतुलन के साथ इस परियोजना के पूरा होने पर मंदिर परिसर की भव्यता और बढ़ेगी तथा श्रद्धालुओं को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

--------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी

Share this story