(अपडेट) मध्य प्रदेश के किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला, ग्रामीण जमीन अधिग्रहण पर अब मिलेगा चार गुना मुआवजा

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(अपडेट) मध्य प्रदेश के किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला, ग्रामीण जमीन अधिग्रहण पर अब मिलेगा चार गुना मुआवजा


(अपडेट) मध्य प्रदेश के किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला, ग्रामीण जमीन अधिग्रहण पर अब मिलेगा चार गुना मुआवजा


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी, आज से नई व्यवस्था लागू

भोपाल, 22 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'कृषक कल्याण वर्ष' के संकल्प को दोहराते हुए प्रदेश के किसानों के हित में अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे को सीधे दोगुना करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद अब किसानों को उनकी जमीन के बाजार मूल्य (गाइडलाइन) का अधिकतम 4 गुना तक मुआवजा मिल सकेगा।

राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह फैसला रातों-रात नहीं लिया गया है। इसके पीछे 7 महीने की लंबी प्रक्रिया और 400 से अधिक किसान संगठनों, फिक्की, क्रेडाई और सामाजिक संस्थाओं के साथ किया गया गहन संवाद है। 13 जनवरी 2026 को गठित मंत्रिमंडलीय समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इस नीति को अंतिम रूप दिया है। यह निर्णय आज 22 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है।

क्या बदला है?

इस नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव 'गुणन कारक' में किया गया है। ग्रामीण अंचलों के लिए इसे 1.0 से बढ़ाकर अब 2.0 कर दिया गया है, जिससे मुआवजे की कुल राशि सीधे तौर पर बढ़ जाएगी। हालांकि, नगरीय क्षेत्रों में यह गुणांक पहले की तरह 1.0 ही रहेगा क्योंकि शहरों की गाइडलाइन दरों में नियमित वृद्धि होती रहती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस कदम से सिंचाई, सड़क, रेलवे और बांध जैसी बड़ी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, क्योंकि अब पर्याप्त और आकर्षक मुआवजा मिलने से भूमि अधिग्रहण के दौरान होने वाले विवाद और बाधाएं न्यूनतम हो जाएंगी।

सरकार ने उन किसानों को भी बड़ी राहत दी है जिनके जमीन अधिग्रहण के मामले वर्तमान में चल रहे हैं। प्रदेश के ऐसे सभी लंबित केस जिनमें अब तक 'अंतिम अवार्ड' पारित नहीं हुआ है, उन्हें भी इस नई और बढ़ी हुई मुआवजा नीति का सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री के साथ इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से न केवल किसानों को उनकी भूमि का सम्मानजनक मूल्य मिलेगा, बल्कि मध्य प्रदेश देश में कृषि और किसान समृद्धि के एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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