हॉर्मुज स्ट्रेट से निकले एलपीजी लदे दो भारतीय जहाज, अगले दो-तीन दिन में भारत पहुंचने की संभावना
नई दिल्ली, 29 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच भारत के लिए एक राहत की खबर आई है। भारत आने वाले दो एलपीजी टैंकर्स ने जंग के कारण ठप पड़े हॉर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। ये दोनों जहाज अब हॉर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। अगले दो से तीन दिन में इन दोनों जहाजों के भारत पहुंच जाने की उम्मीद जताई गई है।
आपको बता दें कि अमेरिका और इजराइल तथा ईरान के बीच जारी जंग के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से ठप हो गया है, जिसकी वजह से मालवाहक जहाजों और ऑयल टैंकर्स की आवाजाही भी रुक गई है। आवाजाही रुकने के कारण कच्चे तेल और गैस की अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करने वाले भारत जैसे देश के सामने काफी संकट की स्थिति बन गई है। ऐसे में भारत आने वाले दो एलपीजी टैंकर के हॉर्मुज स्ट्रेट को पार कर जाने की खबर ने काफी राहत पहुंचाई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम नाम के दो एलपीजी टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से निकल कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन दोनों टैंकरों में कुल मिला कर करीब 94,000 टन गैस भरी हुई है। इनमें से बीडब्ल्यू टीवाईआर मुंबई पहुंचने वाला है, जहां इसके मंगलवार यानी 31 मार्च तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं बीडब्ल्यू ईएलएम न्यू मैंगलोर की ओर जा रहा है। ये एलपीजी गैस टैंकर एक अप्रैल तक पहुंच सकता है।
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू की गई जंग के कारण शिपिंग सेक्टर पर काफी असर पड़ा है। इस जंग के बावजूद ईरान के मौजूदा प्रशासन ने ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बना कर चलने की स्थिति में भारत जैसे गैर-दुश्मन देशों के जहाजों को हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है। चार टैंकर पहले ही इस रास्ते को पार कर चुके हैं, जबकि तीन और टैंकर अभी हॉर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं।
इन चार टैंकर में से पाइन गैस और जग वसंत, जिनमें करीब 92,612 टन एलपीजी थी, 26 मार्च से लेकर 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच गए थे। इससे पहले एमटी शिवालिक 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह पर और एमटी नंदा देवी 17 मार्च को कांडला बंदरगाह, गुजरात में पहुंच गए थे। इन दोनों टैंकर में लगभग 92,712 टन गैस थी।
होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने की स्थिति में आने के बाद भारत अब अमेरिका और अर्जेंटीना जैसे देशों से भी एलपीजी मंगवा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार भारत के झंडे वाले कुल 18 जहाज, जिनमें 485 भारतीय नाविक सवार हैं, पश्चिमी फारसी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं। जब पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हुआ था, उस समय होर्मुज स्ट्रेट में भारत के 28 जहाज मौजूद थे। इनमें से 24 जहाज पश्चिमी हिस्से में और चार जहाज पूर्वी हिस्से में थे। पिछले कुछ दिनों में हालात थोड़े बेहतर हुए हैं। पश्चिमी हिस्से से छह और पूर्वी हिस्से से दो जहाज सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे हैं। इन छह एलपीजी टैंकरों के अलावा भारत का एक और तेल टैंकर जग लाडकी, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात से 80,886 टन कच्चा तेल भरा था, 18 मार्च को ही मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

