(लीड) असम में भाजपा के 31 वादों का ‘संकल्प पत्र', सुरक्षित व विकसित असम पर जोर
गुवाहाटी, 31 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए ‘संकल्प पत्र’ के रूप में अपना घोषणापत्र जारी किया। पार्टी ने संकल्प पत्र में 31 प्रमुख वादों के माध्यम से स्वदेशी अधिकारों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, आर्थिक विकास और समावेशी प्रगति पर विशेष जोर दिया है।
गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दिलीप सैकिया तथा राज्य के कई मंत्रियों की उपस्थिति में संकल्प पत्र का विमोचन किया। इस अवसर पर सीतारमण ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने असम में व्यापक परिवर्तन लाया है, जिससे राज्य के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को गति मिली है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि पार्टी का विजन ‘जाति, माटी, भेटी’ की सुरक्षा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हम असम को शानदार राज्य बनाना चाहते हैं। हम एक निर्भर राज्य नहीं बनना चाहते। हम राष्ट्र निर्माण में हिस्सा लेना चाहते हैं। संकल्प पत्र में हमने 31 वादे किए हैं।
संकल्प पत्र में अवैध प्रवासियों की पहचान करने और निष्कासन को तेज करने के लिए ‘अप्रवासी (असम से निष्कासन) अधिनियम 1950’ को लागू करने तथा अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने का वादा किया गया है। मिशन बसुंधरा के तहत स्वदेशी लोगों को भूमि अधिकार देने और सांस्कृतिक व धार्मिक संस्थानों की रक्षा करने की बात कही गई है। छठी अनुसूची क्षेत्रों और जनजातीय समुदायों को छोड़कर समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) लागू करने की बात कही गई है।
संकल्प पत्र में आर्थिक विकास को गति देने के लिए भाजपा ने ‘असम गति शक्ति मास्टर प्लान’ के तहत पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, जिससे असम को देश के पूर्वी द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क, रेल, जलमार्ग और हवाई संपर्क का विस्तार, गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास विश्वस्तरीय एयरोसिटी तथा सिलचर में ग्रीनफील्ड डोलू हवाई अड्डा विकसित करने की योजना शामिल है।
युवा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देते हुए संकल्प पत्र में अगले पांच वर्षों में दो लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया है। मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान के तहत युवाओं को पांच लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा, 70 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन यूनिवर्सिटी’ जैसी पहल की भी बात कही गई है।
महिलाओं के लिए ‘अरुणोदय’ योजना की सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से तीन हजार रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने और 15 लाख नए परिवारों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान’ के तहत 40 लाख ‘लखपति बाइदेव’ तैयार करने की योजना है। कृषि क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसानों को 11 हजार रुपये वार्षिक सहायता, ट्रैक्टर व पावर टिलर पर सब्सिडी तथा डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देना का वादा किया गया है। गरीब परिवारों के लिए रियायती राशन योजनाओं को जारी रखने का भी वादा किया गया है।
बाढ़ समस्या के समाधान के लिए भाजपा ने 18 करोड़ रुपये की लागत से ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ की घोषणा की है, जिसमें नदी पुनर्जीवन, तटबंधों को मजबूत करना, कटाव नियंत्रण और राष्ट्रीय जलमार्ग-2 की ड्रेजिंग शामिल है। संस्कृति और विरासत संरक्षण के तहत 2027 तक गुवाहाटी में ‘अहोम ओइतिज्य संग्रहालय’ स्थापित करने, स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने और असम के ऐतिहासिक नायकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही गई है।
जनजातीय और चाय जनजाति समुदायों के लिए अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के प्रयास, भूमि अधिकार, मजदूरी बढ़ाकर 500 रुपये तक करने और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी संकल्प पत्र में उल्लेख है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 लाख अतिरिक्त पक्के मकान बनाने और 50 हजार करोड़ रुपये के ‘असम स्वास्थ्य उत्कर्ष अभियान’ के माध्यम से राज्य को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
भाजपा ने संकल्प पत्र के माध्यम से वर्ष 2036 तक असम की अर्थव्यवस्था को 300 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से सशक्त असम का विजन प्रस्तुत किया है।
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान नौ अप्रैल को एक ही चरण में होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

