दुनिया की पहली 'महिला स्पेशल' ट्रेन सेवा ने 34 साल पूरे किए

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दुनिया की पहली 'महिला स्पेशल' ट्रेन सेवा ने 34 साल पूरे किए


नई दिल्ली, 05 मई (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने महिलाओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दुनिया की पहली 'महिला स्पेशल' ट्रेन सेवा ने आज 34 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस सेवा की शुरुआत 5 मई 1992 को मुंबई में कामकाजी महिलाओं की बढ़ती संख्या और उनकी यात्रा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई थी।

रेल मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पिछले कुछ दशकों में, 'महिला स्पेशल' सेवा शहर के उपनगरीय रेल नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन गई है, जो यात्रा के बदलते तरीकों और कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, दोनों को दर्शाती है।

वर्ष 1990 के दशक में मुंबई के दक्षिणी हिस्सों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आई, जिसके चलते उपनगरों से बड़ी संख्या में महिलाएं रोज़ाना यात्रा करने लगीं। भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों में महिलाओं के लिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा एक बड़ी चुनौती बन गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने चर्चगेट से बोरीवली के बीच पहली महिला स्पेशल ट्रेन शुरू की, जिसे बाद में 1993 में विरार तक विस्तारित किया गया।

यह सेवा महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। पहले जहां महिलाओं को सामान्य ट्रेनों के महिला डिब्बों में चढ़ने के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं लेडीज़ स्पेशल ट्रेनों ने उन्हें पूरे ट्रेन में आराम से सफर करने की सुविधा दी। समय के साथ इन ट्रेनों की संख्या और लोकप्रियता दोनों में वृद्धि हुई है। यह सेवा न केवल यात्रा को आसान बनाती है, बल्कि महिला यात्रियों के बीच एक सामाजिक जुड़ाव भी स्थापित करती है। नियमित रूप से यात्रा करने वाली महिलाओं के बीच आपसी दोस्ती और सहयोग की भावना भी विकसित हुई है।

विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए यह सेवा बेहद लाभकारी साबित हुई है। भीड़भाड़ के समय में जहां सामान्य ट्रेनों में चढ़ना-उतरना मुश्किल होता है, वहीं महिला स्पेशल ट्रेनों ने ऐसी यात्रा को काफी आसान और ज्यादा सुविधाजनक बना दिया है।

वर्तमान में पश्चिम रेलवे द्वारा रोज़ाना 10 महिला स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो सुबह और शाम के व्यस्त समय में अप और डाउन दोनों दिशाओं में संचालित होती हैं। अप लाइन सेवाओं में विरार–चर्चगेट (07:35–09:15), बोरीवली–चर्चगेट (07:40–08:46), विरार–चर्चगेट (08:49–10:36), भयंदर–चर्चगेट (09:06–10:30), विरार–चर्चगेट (09:47–11:09), और वसई रोड–चर्चगेट (10:02–11:36) जैसी ट्रेनें शामिल हैं। वहीं डाउन लाइन सेवाओं में चर्चगेट–बोरीवली (17:39–18:47), चर्चगेट–विरार (18:13–20:02), चर्चगेट–विरार (18:51–20:40), और चर्चगेट–विरार (19:40–21:06) शामिल हैं।

पिछले तीन दशकों में इस सेवा का विस्तार कई चरणों में किया गया है, जिससे यह मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन गई है।

आज भी महिला स्पेशल ट्रेनें महिलाओं के लिए सुरक्षित, आरामदायक और सामुदायिक यात्रा का एक सशक्त माध्यम बनी हुई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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