कर्नाटक सरकार की शिक्षण संस्थानों में नई यूनिफॉर्म गाइडलाइन- हिजाब को अनुमति, भगवा शॉल पर रोक

WhatsApp Channel Join Now
कर्नाटक सरकार की शिक्षण संस्थानों में नई यूनिफॉर्म गाइडलाइन- हिजाब को अनुमति, भगवा शॉल पर रोक


बेंगलुरु, 13 मई (हि.स.)। कर्नाटक सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों, अनुदानित शिक्षण संस्थानों, निजी स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब पहनने की अनुमति देते हुए नई यूनिफॉर्म गाइडलाइन जारी की है जबकि भगवा शॉल पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने वर्ष 2022 में तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा जारी हिजाब प्रतिबंध आदेश को वापस लेते हुए यह नया निर्देश लागू किया है।

बेंगलुरु स्थित सर्वशिक्षा कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “बच्चों के मानसिक हित और शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसी उद्देश्य से सरकार ने यह निर्णय लिया है। सभी धर्मों के पारंपरिक प्रतीकों को सीमित रूप से अनुमति दी गई है।”

नई गाइडलाइन के अनुसार छात्र-छात्राएं निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ पगड़ी/टर्बन, जनेऊ या पवित्र धागा, शिवधार, रुद्राक्ष, सिर ढकने वाला वस्त्र अथवा हिजाब जैसे पारंपरिक प्रतीक धारण कर सकेंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये प्रतीक यूनिफॉर्म के मूल उद्देश्य को प्रभावित नहीं करने चाहिए तथा अनुशासन, सुरक्षा और विद्यार्थियों की पहचान में बाधा नहीं बनना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि “भगवा शॉल को धार्मिक या पारंपरिक प्रतीक की श्रेणी में नहीं माना गया है, इसलिए स्कूलों और कॉलेजों में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।”

सरकार के आदेश में कहा गया है कि अनुमति प्राप्त धार्मिक या पारंपरिक प्रतीकों को धारण करने के कारण किसी भी छात्र को कक्षा, परीक्षा कक्ष या अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता।

साथ ही किसी भी विद्यार्थी को ऐसे प्रतीक पहनने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और न ही सरकार द्वारा अनुमति प्राप्त प्रतीकों को हटाने के लिए मजबूर किया जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार द्वारा जारी हिजाब प्रतिबंध आदेश को निरस्त कर नई गाइडलाइन लागू की गई है।

आदेश में कहा गया है कि इसका क्रियान्वयन समानता, गरिमा, धर्मनिरपेक्षता, वैज्ञानिक सोच, तार्किकता और शिक्षा के अधिकार जैसे संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए।

पत्रकार सम्मेलन में मंत्री दिनेश गुंडू राव तथा विधायक रिजवान अरशद भी उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.

Share this story