कांग्रेस विधायक शनीमोल उस्मान केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष चुनी गईं

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कांग्रेस विधायक शनीमोल उस्मान केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष चुनी गईं


कांग्रेस विधायक शनीमोल उस्मान केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष चुनी गईं


तिरुवनंतपुरम, 02 जून (हि.स.)। कांग्रेस विधायक शानीमोल उस्मान मंगलवार को 16वीं केरल विधानसभा की उपाध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव में शानीमोल उस्मान को 99 मत प्राप्त हुए, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) समर्थित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के उम्मीदवार मोहम्मद मोहसिन को 34 वोट मिले।

संसदीय परंपरा का पालन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष तिरुवनचूर राधाकृष्णन ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। वहीं, सदन में मौजूद भाजपा के तीन विधायकों ने भी मतदान से दूरी बनाए रखी।

शानीमोल उस्मान का उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचन कई दृष्टि से ऐतिहासिक माना जा रहा है। वह 35 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली पहली महिला हैं। इसके साथ ही वह केरल विधानसभा के इतिहास में उपाध्यक्ष पद संभालने वाली चौथी महिला बन गई हैं।

उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान दोनों प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों के कुछ सदस्य सदन में उपस्थित नहीं थे। संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के विधायक आबिद हुसैन थंगल और संदीप वारियर मतदान के समय अनुपस्थित रहे। वहीं, एलडीएफ के विधायक सी.के. हरींद्रन भी चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सके।

उल्लेखनीय है कि अलाप्पुझा जिले के अरूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली शानीमोल उस्मान पहली बार विधायक चुनी गई हैं लेकिन राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के मामले में उनका सफर काफी लंबा और समृद्ध रहा है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर स्थानीय निकायों और राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक ढांचे तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

उन्होंने केरल छात्र संघ (केएसयू) की उपाध्यक्ष, केरल विश्वविद्यालय सीनेट की सदस्य, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सचिव और अलाप्पुझा नगर पालिका की अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता और जनहित के मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें केरल कांग्रेस का एक प्रमुख चेहरा बनाया है।

शानीमोल उस्मान उच्च शिक्षित नेता हैं। उन्होंने एमए और एलएलबी की डिग्रियां प्राप्त की हैं। राजनीतिक जीवन के साथ-साथ शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव ने उन्हें एक सक्षम जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया है।

उपाध्यक्ष के रूप में अब शानीमोल उस्मान पर सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष और सुचारु रूप से संचालित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह इस दायित्व का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शानीमोल उस्मान का विधानसभा उपाध्यक्ष चुना जाना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है बल्कि यह केरल की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक है। ऐसे समय में जब देशभर में राजनीति में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है, उनका निर्वाचन एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उदय कुमार सिंह

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