मनरेगा की पुनर्बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा: डीके शिवकुमार
बेंगलुरु, 27 जनवरी (हि.स.)। मनरेगा योजना के नाम में बदलाव करने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि जब तक मनरेगा की पुनर्बहाली नहीं होती, तब तक आंदोलन नहीं रोका जाएगा।
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार मंगलवार काे बेंगलुरु में फ्रीडम पार्क से राजभवन तक आयोजित “राजभवन चलो – मनरेगा बचाओ संघर्ष” आंदोलन में भाग लेने के दाैरान संबोधित कर थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों के रोजगार और अधिकार की योजना है। हम गरीबों के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। डीके शिवकुमार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने गरीबों को मजदूरी आधारित रोजगार देने के उद्देश्य से मनरेगा योजना लागू की थी। वर्ष 2013 में विश्व बैंक ने मनरेगा को एक उत्कृष्ट योजना के रूप में प्रमाणित किया था। उस समय राज्य की छह हजार पंचायतों पर छह करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे थे और किस कार्य को किया जाना है, इसका निर्णय पंचायत स्तर पर ही लिया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब केंद्र सरकार मनरेगा का नाम हटाकर योजना को नए स्वरूप में लागू किया है। इस नई व्यवस्था में 60 प्रतिशत अनुदान केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार को देना पड़ रहा है। इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए अलग से विधानसभा सत्र बुलाया गया है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि आज भाजपा नेता गांधी प्रतिमा के सामने धरना दे रहे हैं, जबकि उनके कार्यालयों में गांधीजी की तस्वीर लगाने की अनुमति तक नहीं है। उन्हाेंने कहा कि गांधीजी को केवल गोडसे ने नहीं, बल्कि भाजपा और एनडीए मिलकर मारने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन गांधीजी को कोई भी खत्म नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि मनरेगा गांवों के विकास की एक महत्वपूर्ण योजना है। गांधीजी का सपना था कि हर गांव में स्कूल, सहकारी संस्था और पंचायत हो। गांधीजी के नाम और उनके विचारों को स्थायी रूप से बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की कि मनरेगा की पुनर्बहाली के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आने वाले दिनों में प्रत्येक तालुका में 5 किलोमीटर की पदयात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विधायक, मंत्री और सांसद भाग लेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा

