कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मलयालम भाषा विधेयक को लेकर प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से पूछे सवाल
बेंगलुरू, 10 जनवरी (हि.स.)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने केरल सरकार द्वारा प्रस्तावित मलयालम भाषा विधेयक-2025 को लेकर कांग्रेस पार्टी और सांसद प्रियंका गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि केरल में हाथियों के हमलों से हुई मौतों और वायनाड में प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद केरलवासियों की ओर से कर्नाटक सरकार से सहायता की मांग करने वाली प्रियंका गांधी, क्या अब कन्नड़ भाषी लोगों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाएंगी?
सोशल मीडिया पर शनिवार को जारी बयान में आर. अशोक ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के तहत केरल के कन्नड़ माध्यम के स्कूलों में कक्षा पहली से दसवीं तक मलयालम को पहली भाषा के रूप में अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम कासरगोड समेत केरल में रहने वाले कन्नड़ भाषी लोगों के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
आर. अशोक ने यह भी पूछा कि क्या कांग्रेस और उसके नेता केरल के हितों के लिए जिस तरह चिंता दिखाते हैं, क्या वैसी ही चिंता वे बांदीपुर में रात के यातायात प्रतिबंध को हटाने के मुद्दे पर भी दिखाएंगे, जो कर्नाटक के लोगों के लिए अहम विषय है।
उन्होंने कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल की आलोचना करते हुए कहा कि वे अवैध अप्रवासियों के मुद्दे पर “मानवता” के नाम पर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के समर्थन में बोलते हैं, लेकिन क्या उन्हें कासरगोड के कन्नड़ भाषी लोगों के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों की कोई चिंता है या नहीं।
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि केरल का कांग्रेस नेतृत्व बार-बार कर्नाटक के आत्मसम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा रहा है और कन्नड़ भाषी लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब कन्नड़ भाषी लोग कांग्रेस पार्टी को सबक सिखाएंगे, जो राजनीतिक लाभ और स्वार्थ के लिए कर्नाटक और कन्नड़ भाषी समाज के हितों का बलिदान कर रही है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा

