ब्रिक्स अब वैश्विक विकास, तकनीकी सहयोग और बहुआयामी साझेदारी का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है : प्रह्लाद जोशी

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ब्रिक्स अब वैश्विक विकास, तकनीकी सहयोग और बहुआयामी साझेदारी का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है : प्रह्लाद जोशी


-बेंगलुरु में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय मानक निकायों के प्रमुखों की पांचवीं शिखर बैठक शुरू

बेंगलुरु, 16 जुलाई (हि.स.)। ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय मानक निकायों (एनएसबी) के प्रमुखों की पांचवीं शिखर बैठक का गुरुवार को बेंगलुरु में शुभारंभ हुआ। भारत की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय बैठक का विषय ब्रिक्स के अंतर्गत मानकीकरण में सहयोग रखा गया है। इसमें भारत के अलावा ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय मानक संस्थानों के प्रमुख भाग ले रहे हैं।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बैठक का उद्घाटन करते हुए कहा कि ब्रिक्स का सहयोग अब केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक विकास, तकनीकी सहयोग और बहुआयामी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ब्रिक्स विश्व की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और करीब 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का दायरा अब आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर आतंकवाद-रोधी प्रयास, जलवायु परिवर्तन, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, वित्त, व्यापार, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) सुधार, कृषि, श्रम, डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक विस्तृत हो चुका है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) पिछले लगभग आठ दशकों से गुणवत्ता मानकों के विकास और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, यह बैठक सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग, सूचना के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

प्रह्लाद जोशी ने बताया कि बैठक के दौरान बीआईएस कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में मानकीकरण को लेकर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा। इसमें सुरक्षित, नैतिक, पारदर्शी, विश्वसनीय और परस्पर संचालन योग्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए वैश्विक मानकों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच मानकीकरण में बढ़ता सहयोग व्यापार और वाणिज्य को अधिक सुगम बनाने, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के सामंजस्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि भारत वर्ष 2026 के अंत में नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि भारत इससे पहले वर्ष 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों का सफलतापूर्वक आयोजन कर चुका है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.

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