राहुल गांधी के विदेश दौरों पर केंद्रीय मंत्री ने उठाए सवाल, तीन हफ्ते पहले संसद को सूचित करना आवश्यक
नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को देश के नियम और कानून का पालन करना चाहिए। एक सांसद को तो विशेष रूप से इन नियमों के दायरे में रहकर ही काम करना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर कोई सांसद विदेश यात्रा करना चाहता है तो उसे लोकसभा या राज्यसभा सचिवालय को तीन सप्ताह पहले सूचित करना आवश्यक होता है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की बिना सूचना के विदेश यात्रा गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रत्येक सांसद को अपनी विदेश यात्रा से 3 सप्ताह पहले लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय को सूचित करना अनिवार्य है। यह अनुमति नहीं बल्कि सूचना है। सांसद विदेश यात्रा कर सकते हैं लेकिन सूचना देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई सांसद विदेश में आतिथ्य सत्कार स्वीकार करता है तो उसे आमंत्रित करने वाली एजेंसियों या संगठनों द्वारा वहन किया जाने वाला खर्च एफसीआरए के अंतर्गत आएगा। राहुल गांधी साल 2004 से सांसद हैं और उनकी 54 विदेश यात्राएं दर्ज की गई हैं। यह केवल 54 यात्राओं तक सीमित नहीं है बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वे भारत से बाहर कितने दिन रहे और उन्होंने कितना खर्च किया।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि अगर उन्हें विदेश में आतिथ्य सत्कार स्वीकार करना है तो उन्हें एफसीआरए के तहत गृह मंत्रालय को सूचित करना होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह बताना होगा कि उन्हें किसने आमंत्रित किया है। भारत के बाहर की एजेंसियों एवं संगठनों ने उनके नाम पर क्या खर्च किए? हर भारतीय नागरिक को देश के कानूनों का पालन करना चाहिए। खासकर सांसदों को। कानून सबके लिए एक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

