बद्रीनाथ में डीजे कार्यक्रम पर मुरली मनोहर जोशी ने जताई आपत्ति, धाम की पवित्रता पर सीधा आघात
नई दिल्ली, 25 सितंबर (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने बद्रीनाथ धाम के निकट आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव में तेज संगीत और डीजे कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से धाम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादाओं के साथ-साथ हिमालयी पर्यावरण की भी उपेक्षा होती है।
जोशी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह को अनुमति देना ना केवल “सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन” और “धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात” है। उन्होंने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण में शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर शंख बजाना भी वर्जित है, वहां शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रम आयोजित करना भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा है। उन्होंने कहा कि इतनी ऊंचाई पर हजारों लोगों के नाचने से उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जोशी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से यह संकेत मिलता है कि “देवभूमि को बाजारू संस्कृति” में बदला जा रहा है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों, विशेषकर शंकराचार्यों और संत-महात्माओं से संस्कृति के क्षरण को रोकने के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने तथा देवभूमि की मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया। जोशी ने कहा कि हिमालय देवात्मा है और भगवान शिव का निवास तथा मां गंगा का उद्गम स्थल है। उन्होंने कहा कि इसे “नाच ग्रह” में बदलना करोड़ों भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।
उल्लेखनीय है कि बद्रीनाथ में 19 और 20 सितंबर को ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया गया था। भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन ने ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में लोक संगीत, लोक नृत्य, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में गायिका प्रियंका मेहर की प्रस्तुति के वीडियो सामने आने के बाद आयोजन स्थल और तेज संगीत को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

