तीनों सेनाओं के कमांडरों ने जयपुर में साइबर और स्पेस युद्ध पर किया गहन मंथन

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तीनों सेनाओं के कमांडरों ने जयपुर में साइबर और स्पेस युद्ध पर किया गहन मंथन

- दो दिन की कमांडर्स कांफ्रेंस के आखिरी दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हुए शामिल

नई दिल्ली, 08 मई (हि.स.)। तीनों सेनाओं के कमांडर भविष्य के साइबर और स्पेस युद्ध पर चर्चा करने के लिए जयपुर में इकट्ठा हुए। सेना की दक्षिणी-पश्चिमी कमान के नेतृत्व में हुई दो दिन की कमांडर्स कांफ्रेंस में नवाचार, स्वदेशीकरण और नागरिक-सैन्य संलयन के जरिए आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ाया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमांडरों से कहा कि वे देश के दुश्मनों के लिए 'एलीमेंट ऑफ सरप्राइज' को बढ़ावा दें, ताकि वे किसी भी स्थिति में रणनीतिक बढ़त हासिल कर सकें।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जयपुर में ‘नए डोमेन में मिलिट्री कैपेबिलिटी’ विषय पर हुई दो दिनों की कॉन्फ्रेंस के आखिरी दिन शुक्रवार को शामिल हुए। 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली सालगिरह मनाने के लिए जयपुर पहुंचे रक्षा मंत्री ने कॉन्फ्रेंस के पहले दिन ऑपरेशन सिंदूर पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म रिलीज की। उन्होंने विजन 2047 और इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन आर्किटेक्चर और एयर डिफेंस के लिए जॉइंट डॉक्ट्रिन भी रिलीज किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के कमांडरों से कहा कि वे ऑपरेशन सिंदूर और मौजूदा ग्लोबल सुरक्षा हालात से सीखकर भविष्य के लिए तैयार रहें। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को कम समय का गहराई तक जाने वाला हाई-इंटेंसिटी और हाई-इम्पैक्ट ऑपरेशन बताया, जिसने दिखाया कि भारत अपने दुश्मन को सरेंडर करने पर मजबूर कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन और नए सैन्य मूल्यों का प्रतीक था। रक्षा मंत्री ने तेजी से बदलते भू-राजनीतिक सुरक्षा परिदृश्य में तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया।

उभरती टेक्नोलॉजी के बदलाव लाने वाले असर पर रेखांकित करते हुए उन्होंने संघर्ष के सभी पहलुओं में एक साथ देश की तैयारी पक्की करने की अहमियत पर ज़ोर दिया। राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं में संयुक्तता, एकीकरण और प्रौद्योगिकी अपनाने को बढ़ाने में हुई तरक्की की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैश्विक रक्षा क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों में संयुक्तता एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि नई सोच और बेहतर तालमेल से जीते जाएंगे। उन्होंने दुश्मन के एलिमेंट ऑफ सरप्राइज से सावधान रहने और हमेशा दो कदम आगे रहने को कहा। उन्होंने हथियारों और प्लेटफॉर्म के जरिए रक्षा बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के वादे को दोहराया। उन्होंने कहा कि खास डोमेन में रिसर्च पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, सेना स्टाफ के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) सुकृति लिखी, सचिव (रक्षा वित्त) विश्वजीत सहाय और अन्य वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारी शामिल हुए।  

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम

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