सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई प्रतिभाएं तैयार करेंगे आईआईटी जोधपुर और झारखंड

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सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई प्रतिभाएं तैयार करेंगे आईआईटी जोधपुर और झारखंड


- आदिवासी व ग्रामीण युवाओं, छात्राओं और महिलाओं को शिक्षा, प्रयोगशाला प्रशिक्षण, रोजगार व उद्यमिता से जोड़ने की पहल

जोधपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) का झारखंड सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। इस दौरान झारखंड में समावेशी और भविष्य के लिए तैयार सेमीकंडक्टर प्रतिभा एवं नवाचार तंत्र विकसित करने को लेकर रणनीतिक चर्चा हुई। बैठक में व्यापक सिलिकॉन माइंड्स ढांचे के तहत प्रस्तावित ट्विश-झारखंड कार्यक्रम पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।

प्रस्तावित कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी एवं ग्रामीण युवाओं, इंजीनियरिंग और डिप्लोमा विद्यार्थियों, आईटीआई व पॉलिटेक्निक विद्यार्थियों तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित क्षेत्र की छात्राओं एवं महिलाओं को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से जोडऩा है। बैठक में झारखंड सरकार, आईआईटी जोधपुर और अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा, आईआईटी जोधपुर की शोध एवं तकनीकी क्षमताओं, झारखंड में कार्यक्रम के क्रियान्वयन की आवश्यकताओं, संभावित संस्थागत भूमिकाओं और भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की गई।

प्रस्तावित कार्यक्रम में प्रतिभाओं की पहचान और बुनियादी प्रशिक्षण से शुरुआत कर उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, प्रयोगशाला में व्यावहारिक अनुभव, प्रशिक्षण-अवसर, रोजगार और उद्यमिता तक समग्र मार्ग विकसित करने की परिकल्पना की गई है। प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्रों में वीएलएसआई डिजाइन एवं अनुकरण, एम्बेडेड प्रणाली, पीसीबी एवं इंटरनेट ऑफ थिंग्स, सेमीकंडक्टर की मूल अवधारणाएं, स्वच्छ कक्ष का व्यावहारिक परिचय और निर्माण तकनीक शामिल हैं।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक कौशल प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण और अत्याधुनिक तकनीकी वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव उपलब्ध कराना है। खासतौर पर आदिवासी समुदायों, ग्रामीण युवाओं तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित क्षेत्र की छात्राओं व महिलाओं के लिए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

आईआईटी जोधपुर के अधिकारियों ने एआईओटी फैब लैब और केंद्रीय अनुसंधान सुविधा का प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल को संस्थान में उपलब्ध उन्नत शोध, प्रयोगशाला और तकनीकी विकास क्षमताओं से अवगत कराया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित कार्यक्रम और आईआईटी जोधपुर की शोध एवं प्रयोगशाला क्षमताओं के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। बैठक में झारखंड सरकार, आईआईटी जोधपुर और अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान की विशेषज्ञता एवं क्षमताओं को एक साथ लाकर राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रम के क्रियान्वयन मॉडल की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल में योजना एवं विकास मंत्री राधा कृष्ण किशोर, अपर सचिव विजया नारायणराव जाधव, अपर निदेशक-सह-अपर सचिव कृष्ण नंदन प्रसाद, तकनीकी सलाहकार समीर कुमार सिन्हा, रामदेव शर्मा और सुनील दुबे शामिल रहे। अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान की ओर से उप महानिदेशक रवि रंजन गुरु, क्षेत्रीय निदेशक जोधपुर विनोद पालीवाल और राजीव रंजन गुरु उपस्थित रहे।

आईआईटी जोधपुर की ओर से निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, उपनिदेशक प्रो. भवानी कुमार सतपथी और अधिष्ठाता अनुसंधान एवं विकास प्रो. सुनील कुमार खिजवानिया ने भाग लिया। इनके साथ डॉ. लवी त्यागी, डॉ. अक्षय मौडगिल, डॉ. प्रियब्रत राउत्रे, डॉ. विक्की आनंद और डॉ. जितेश मोहनोट भी उपस्थित रहे। बैठक में एआईओटी फैब लैब, व्यावसायिक प्रशिक्षण और केंद्रीय अनुसंधान सुविधा से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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