कश्मीरी पंडित नर्स मर्डर केस में चार्जशीट दाखिल, यासीन मलिक समेत 5 लोगों के नाम शामिल

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श्रीनगर, 29 जून (हि.स.)। कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्कीम्स) की स्टाफ नर्स सरला भट के अपहरण, टॉर्चर और हत्या के मामले में 737 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। आरोपपत्र में प्रतिबंधित जेकेएलएफ चीफ यासीन मलिक और चार अन्य लोगों के नाम शामिल किये गए हैं।

एजेंसी के मुताबिक यह मामला कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर में हुए सबसे बर्बर आतंकवादी अपराधों में से एक से जुड़ा है। सरला भट का 18 अप्रैल, 1990 को स्कीम्स से अपहरण कर लिया गया था। उन्हें बेरहमी से टॉर्चर किया गया और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसके बाद श्रीनगर की उमर कॉलोनी में ऑटोमैटिक राइफल से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।

प्रवक्ता ने बताया कि यह केस 18 मार्च, 2024 को सीआईए को सौंपा गया था। बयान में कहा गया है कि चार्जशीट में दशकों से जमा किए गए मौखिक, दस्तावेज़ी, फोरेंसिक, बैलिस्टिक, मेडिकल और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का एक मज़बूत संग्रह शामिल है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के चरम पर होने के दौरान बने असाधारण हालात की वजह से यह केस दशकों तक अनसुलझा रहा। आतंकवादी संगठनों की धमकी और आतंक के माहौल ने गवाहों के सामने आने और ज़रूरी तथ्य बताने की क्षमता पर बुरा असर डाला था।

प्रवक्ता ने बताया कि जांच से यह साबित हुआ कि सरला भट की हत्या हिंसा की कोई अलग-थलग घटना नहीं थी, बल्कि जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) की कमान और कंट्रोल में रची गई एक बड़ी आतंकवादी साज़िश का हिस्सा थी। जांच से पता चला है कि अपहरण और बेरहमी से हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में जेकेएलएफ के तत्कालीन चीफ कमांडर मोहम्मद यासीन मलिक के साथ-साथ खुर्शीद अहमद चालकू, अब्दुल हामिद शेख, मोहम्मद यूसुफ सूफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू शामिल थे।

बयान में कहा गया है कि अब्दुल हामिद शेख, मोहम्मद यूसुफ सूफी उर्फ इदरीस और गुलाम मोहम्मद टपलू की मौत हो चुकी है और मोहम्मद यासीन मलिक अभी किसी दूसरे मामले में न्यायिक हिरासत में है। फरार आतंकवादी खुर्शीद अहमद चालकू (जिसने गोली चलाई थी) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। माना जाता है कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर भाग गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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