जम्मू-कश्मीर और हिमाचल को जोड़ने वाला धार्मिक कॉरिडोर बनाने की कोशिश होगी : हिमाचल के गवर्नर

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कटड़ा (जम्मू), 13 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शनिवार को माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और कहा कि तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले एक धार्मिक कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

कटड़ा स्थित तीर्थयात्रियों के बेस कैंप में पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि दोनों क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्थाएं काफी हद तक समान हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर आने वाले श्रद्धालुओं को आगे हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने के लिए एक धार्मिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम किया जाएगा।

राज्यपाल ने अपने परिवार के साथ त्रिकूट पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अनेक प्रसिद्ध मंदिर और धार्मिक स्थल हैं, जो देशभर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित धार्मिक कॉरिडोर न केवल तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संबंधों और लोगों के आपसी जुड़ाव को भी मजबूत करेगा।

जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से केंद्र शासित प्रदेश में उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और शांति का वातावरण स्थापित हुआ है। उन्होंने माता वैष्णो देवी से क्षेत्र में स्थायी शांति और समृद्धि की कामना की।

हिमाचल प्रदेश में बढ़ते पर्यटन का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने देशभर के लोगों से हिमाचल प्रदेश आने और वहां के प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया।

भारतीय संस्कृति की महानता पर प्रकाश डालते हुए गुप्ता ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है और यहां अनगिनत मंदिर तथा आस्था के केंद्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों की ओर देखने के बजाय देश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बढ़ावा देना और उसका सम्मान करना समय की आवश्यकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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