जम्मू-कश्मीर में चौथे दिन भी शुरू नहीं हो सकी अमरनाथ और वैष्णोदेवी की यात्रा, पहलगाम में 2800 और जम्मू में 6000 से ज्यादा लोग फंसे
जम्मू, 22 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम की वजह से श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोड़ी यात्रा और मचैल माता यात्रा चौथे दिन भी शुरू नहीं हो सकी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार शाम को ही इन यात्रों को रोक दिया था।
मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में नंदीवान-पहलगाम के दो रास्तों से होने वाली अमरनाथ यात्रा 18 जुलाई की शाम को रोक दी गई थी। इसके साथ ही कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर, रियासी में शिव खोड़ी मंदिर और किश्तवाड़ में मचैल माता मंदिर की यात्रा भी उसी दिन रोक दी गई थी।
हालांकि पहलगाम रास्ते पर गुफा मंदिर के लिए आखिरी पड़ाव पंचतरणी और बालटाल बेस कैंप में फंसे तीर्थयात्रियों को क्रमशः 19 और 20 जुलाई को दर्शन के लिए जाने की अनुमति दी गई । उसके बाद इलाके में भारी बारिश के कारण किसी भी यात्री को श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के लिए जाने की अनुमति नहीं दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू से बालटाल और नंदीवान-पहलगाम के दो बेस कैंपों के लिए यात्रा चौथे दिन भी रुकी हुई है । यहां भगवती नगर यात्री निवास और पास के आशा राम बापू आश्रम में लगभग 6000 तीर्थयात्री मौजूद हैं। जम्मू में फंसे श्री अमरनाथ जी जाने वाले 2000 से ज्यादा तीर्थ यात्री अपने गृह राज्यों के लिए रवाना हो गए हैं। इसके अलावा, गीता भवन जम्मू में 250 और यहां पुरानी मंडी स्थित राम मंदिर में 200 साधु मौजूद हैं। कई समाजसेवी संस्थाओं ने तीर्थयात्रियों के लिए लंगर का संचालन शुरू किया है।
अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग जिले के नंदीवान-पहलगाम में 2800 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। इसके अलावा श्रीनगर के यात्री निवास पंथा चौक में 438, गांदरबल ज़िले के बालटाल में 134 और रामबन ज़िले के यात्री निवास चंदरकोट में 458 तीर्थयात्री मौजूद हैं। आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर में 24 जुलाई तक खराब मौसम का अनुमान लगाया है।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

