बीएचयू के ‘साथी’ केंद्र पहुंचे डॉ जितेन्द्र सिंह, वैज्ञानिक अनुसंधान सुविधाओं की समीक्षा की
नई दिल्ली, 10 मई (हि.स.)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सहयोग से स्थापित ‘साथी’ केंद्र का दौरा कर वहां उपलब्ध वैज्ञानिक अनुसंधान सुविधाओं और उन्नत उपकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ‘साथी-बीएचयू’ उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और उद्योग सहयोग का राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरा है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बीएचयू के कुलपति प्रो. ए.के. चतुर्वेदी और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक आधारभूत संरचना और अनुसंधान सहायता तंत्र का विस्तार कर रहा है, ताकि उन्नत प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक सुविधाओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि ‘साथी’, ‘फिस्ट’ और अन्य अनुसंधान कार्यक्रम नवाचार, स्टार्टअप और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं और अनुसंधान कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ‘सॉफिस्टिकेटेड एनालिटिकल एंड टेक्निकल हेल्प इंस्टीट्यूट’ (साथी) की आधारभूत संरचना, विश्लेषणात्मक क्षमताओं और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की। उन्हें केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां स्थापित उच्च स्तरीय वैज्ञानिक उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई।
लगभग 72 करोड़ रुपये की सहायता से स्थापित ‘साथी-बीएचयू’ राष्ट्रीय स्तर की साझा वैज्ञानिक अवसंरचना सुविधा है, जो शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान संस्थाओं, उद्योगों, एमएसएमई और स्टार्टअप को उन्नत उपकरण और तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
उन्हें बताया गया कि केंद्र में सुपर रेजोल्यूशन कॉन्फोकल माइक्रोस्कोपी, एनएमआर स्पेक्ट्रोस्कोपी, हाई रेजोल्यूशन मास स्पेक्ट्रोमेट्री, क्लीन रूम सुविधा और अन्य अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। केंद्र अब तक करीब 1,100 उपयोगकर्ताओं को सेवाएं दे चुका है और 30,000 से अधिक नमूनों का विश्लेषण किया जा चुका है।
------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

