जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच में ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

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जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच में ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी


रांची, 30 सितंबर (हि.स.)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

ईडी की अलग-अलग टीमों ने सुबह करीब आठ बजे बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित आवास के अलावा बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर के हथियाडीह औद्योगिक क्षेत्र स्थित शारदा एंडेवर फैक्ट्री में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई। बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रही।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, कंपनियों के खातों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही हैं। कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी पड़ताल की जा रही है। बताया गया है कि कार्रवाई जमशेदपुर के तीन और कोलकाता के एक ठिकाने पर चल रही है।

जांच के दायरे में ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, उनके अकाउंटेंट संजय पारेख और अन्य से जुड़े परिसर शामिल हैं। यह कार्रवाई पूर्व में गिरफ्तार कोलकाता के कारोबारी शिव कुमार देवड़ा और अन्य से जुड़े जीएसटी फर्जीवाड़ा मामले की जांच का हिस्सा बताई जा रही है। ईडी की जांच के अनुसार, मामले में बिना वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने का आरोप है।

ईडी ने सितंबर 2025 में जारी अपने आधिकारिक विवरण में बताया था कि इस मामले में झारखंड, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में 135 शेल कंपनियों का नेटवर्क सामने आया था। इन कंपनियों के जरिए बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी जीएसटी इनवॉइस जारी कर 734 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी आईटीसी कथित तौर पर जनरेट और पास ऑन किया गया था। ईडी के अनुसार, इस गतिविधि से करीब 67 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में अर्जित किए गए थे।

ईडी ने आठ मई 2025 को इस मामले में शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा, अमित गुप्ता और जमशेदपुर के अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने इन्हें मामले के प्रमुख आरोपितों के रूप में बताया था। ईडी ने तीन जुलाई 2025 को शिव कुमार देवड़ा से जुड़ी करीब 5.29 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। इसके बाद 29 सितंबर 2025 को अमित गुप्ता और उसके सहयोगियों से जुड़ी कोलकाता और हावड़ा स्थित 10 अचल संपत्तियों को करीब 15.41 करोड़ रुपये मूल्य का बताते हुए अनंतिम रूप से कुर्क किया गया।

ईडी के अनुसार, इस मामले की जांच जमशेदपुर स्थित जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की ओर से दर्ज शिकायतों के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आए नेटवर्क और कथित फर्जी आईटीसी के प्रवाह के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की। मामले में आगे की जांच जारी है। ----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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