भारत-यूरोप एफटीए, दुनिया को दिला सकता है अनिश्चितता से निजात : जयशंकर

WhatsApp Channel Join Now
भारत-यूरोप एफटीए, दुनिया को दिला सकता है अनिश्चितता से निजात : जयशंकर


नई दिल्ली, 22 जनवरी (हि.स.)। गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि यूरोपीय संघ के नेताओं की भारत यात्रा के पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को ईयू के 27 सदस्य देशों के राजदूताें के साथ मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत और ईयू के बीच मजबूत सहयोग, वैश्विक व्यापार, आवागमन और सुरक्षा साझीदारी के माध्यम से वैश्विक व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने में सक्षम है।

विदेश मंत्री ने एक्स पर इस अहम बैठक की जानकारी को साझा करते हुए कहा कि आज यूरोपीय देशों (ईयू) के राजदूतों के साथ के अभूतपूर्व अनिश्चितता के दौर से गुजर रही इस दुनिया में भारत-ईयू आर्थिक साझीदारी के बारे में महत्वपूर्ण चर्चा की। इस दौरान उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत संबंधों की आवश्यकता बताई। उन्होंने राजदूतों को बताया कि दोनों पक्षों के बीच घनिष्ठ सहयोग वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिममुक्त करने में अहम भूमिका निभा सकता है। लचीली और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाओं पर साझेदारी के माध्यम से वैश्विक आर्थिक अस्थिरता को कम किया जा सकता है।

जयशंकर ने आगे कहा कि दोनों पक्ष मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर), समुद्री डकैती विरोधी अभियानों तथा विकास परियोजनाओं जैसे सार्वजनिक हित के प्रयासों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच घनिष्ठ साझीदारी से आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक लचीला एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है तथा व्यापार, आवागमन व सुरक्षा सहयोग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में स्थिरता लाई जा सकती है।

विदेश मंत्री ने बैठक में ईयू नेताओं के आगामी उच्चस्तरीय यात्रा के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि वह गणतंत्र दिवस समारोह के लिए यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।

विदेश मंत्री से मुलाकात में ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, यूनान, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लात्विया, लिथुआनिया, लक्ज़मबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड्स, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन के राजदूत शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। अगले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी बहुप्रतीक्षित भारत-ईयू शिखर बैठक होगी जिसमें दोनों पक्षों के बीच भारत ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। भारत एवं यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता लगभग 2 अरब लोगों को जोड़ेगा, व्यापार, सेवाओं और कुशल गतिशीलता को बढ़ावा देगा और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेगा। माना जा रहा है कि यह समझौता, यूरोप के लिए, उसके अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों में आई अस्थिरता को दूर करने में सहायक होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

Share this story