अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 : सूरत के रिवरफ्रंट पर देश-विदेश के 94 पतंगबाज बने आकर्षण का केंद्र

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अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 : सूरत के रिवरफ्रंट पर देश-विदेश के 94 पतंगबाज बने आकर्षण का केंद्र


अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 : सूरत के रिवरफ्रंट पर देश-विदेश के 94 पतंगबाज बने आकर्षण का केंद्र


अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 : सूरत के रिवरफ्रंट पर देश-विदेश के 94 पतंगबाज बने आकर्षण का केंद्र


अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 : सूरत के रिवरफ्रंट पर देश-विदेश के 94 पतंगबाज बने आकर्षण का केंद्र


गुजरात सहित देश के चार राज्यों से 20 और विदेश से 45 सहित 94 पतंगबाज कर रहे हैं प्रतिभागसूरत, 10 जनवरी (हि.स.)। गुजरात के सूरत शहर के अडाजण रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 में देश-विदेश के कुल 94 पतंगबाजों ने भाग लिया, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

गुजरात पर्यटन निगम, सूरत महानगरपालिका और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सांसद मुकेशभाई दलाल की अध्यक्षता में इस ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन हुआ। इसमें 21 देशों से 45 विदेशी पतंगबाज, भारत के चार राज्यों से 20 और गुजरात के 29 पतंगबाज शामिल हुए। सभी ने अनोखी, विशाल और रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाकर सूरत के आसमान को मनमोहक बना दिया। विभिन्न आकृतियों और आकर्षक रंगों वाली पतंगों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कुशल पतंगबाजों ने अपनी कला-कौशल से भरपूर प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर सांसद मुकेशभाई दलाल ने सूरतवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत में उत्तरायण पर्व का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। पतंग उड़ाना टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण है, जो हमें एकता का संदेश देता है। जिस तरह पतंग को ऊंचा उड़ने के लिए सही दिशा में हवा की जरूरत होती है, उसी तरह जीवन में सही मार्ग पर चलने से सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 से सूरत सहित पूरे गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिससे खाद्य उद्योग, फूल उद्योग समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से मनाए जाने वाले पारंपरिक त्योहार समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ऐसे उत्सव हमारी प्राचीन परंपराओं और लोक संस्कृति को जीवंत रखते हुए ‘विविधता में एकता’ की भावना को और मजबूत करते हैं।

विधायक पूर्णेशभाई मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए उत्सवों और मेलों के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक गुजरात कीसांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों का आनंद लेने आते हैं। दक्षिण भारत में पोंगल, उत्तर भारत में मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी और पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेला मनाया जाता है। इस प्रकार मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधता है।

कार्यक्रम में महानगरपालिका की सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष सोनल देसाई, विभिन्न समितियों के चेयरमैन, पर्यटन विभाग के अधिकारी, कॉर्पोरेटर्स, महानगरपालिका एवं जिला प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पतंग प्रेमी, छात्र और नागरिक उपस्थित रहे।

यह अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव सूरत की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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