अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 2026 में ‘उत्तर प्रदेश’ बनेगा थीम स्टेट
अंतरराष्ट्रीय मेले 2026 में उत्तर प्रदेश वोकल फॉर लोकल की भावना को देगा वैश्विक मंच-जयवीर सिंहलखनऊ, 02 जनवरी (हि.स.)। भारतीय लोक परंपराओं और शिल्प कला के वैश्विक उत्सव सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले का 39वां संस्करण 31 जनवरी से 14 फरवरी, 2026 तक हरियाणा में पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट के रूप में चुना गया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग अपनी प्राचीन सभ्यता, लोक कलाओं, विशिष्ट हस्तशिल्प व हथकरघा एवं वस्त्र परंपराओं, लोक नृत्य-संगीत, स्थानीय व्यंजनों आदि के माध्यम से न केवल प्रदेश की पहचान प्रस्तुत करेगा, बल्कि कारीगरों की सृजनशीलता को भी दर्शकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा।शिल्प मेला में राज्य की हस्तशिल्प एवं हथकरघा परंपराओं को एक सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) आधारित 40 हस्तशिल्प स्टॉलों को स्थापित किया जायेगा। इसके अलावा, फिरोजाबाद की कांच की चूड़ियां, कन्नौज के इत्र, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, वाराणसी-लखनऊ-भदोही की जरी-जरदोजी और चिकनकारी सहित अन्य जिलों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के स्टॉलों के साथ-साथ मेला क्षेत्र में सांस्कृतिक माहौल तैयार किया जाएगा। यहां हर जिला अपनी कला के साथ सांस्कृतिक दूत की भूमिका निभाएगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 2026 उत्तर प्रदेश के लिए अपनी समृद्ध लोक परंपराओं, हस्तशिल्प विरासत और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। ईको फ्रेंडली साज-सज्जा, डिजिटल तकनीक और क्षेत्रीय व्यंजनों के माध्यम से यह आयोजन वोकल फॉर लोकल और सतत पर्यटन की हमारी प्रतिबद्धता को सशक्त करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

