व्यापक रणनीतिक साझेदारी और साल 2030 तक उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार होगा पांच गुना

WhatsApp Channel Join Now
व्यापक रणनीतिक साझेदारी और साल 2030 तक उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार होगा पांच गुना


नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। भारत और उज्बेकिस्तान अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा दोनों देश साल 2030 तक अपने एक अरब डॉलर के व्यापार को 5 अरब डॉलर तक लेकर जायेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार एक अरब डॉलर को पार कर चुका है और अब साल 2030 तक इसे पांच अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बाजार पहुंच, संपर्क, बैंकिंग और भुगतान व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारी रणनीतिक साझेदारी के 15 साल हो रहे हैं। इस विशेष अवसर पर हमने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। आज हमने हमारी साझेदारी के इस नए स्वरूप में तेज गति और ठोस परिणामों के साथ आगे बढ़ने का एंबिशियस एजेंडा तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में रक्षा उद्योगों के बीच सीधा संपर्क, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता दोनों देशों का साझा संकल्प रहेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग दोनों देशों की साझेदारी को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्बेकिस्तान के बागवानी अनुभव और भारत की आधुनिक कृषि पद्धतियों को जोड़कर खाद्य सुरक्षा में योगदान दिया जाएगा। औषधीय जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद के क्षेत्र में सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों की गहरी जड़ें साझा विरासत में हैं। उज्बेकिस्तान की बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण, छात्रों और पेशेवरों के आदान-प्रदान तथा पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उज्बेकिस्तान में हिंदी के प्रचार के लिए छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने शतरंज सहित खेल सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि कुराश और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत भारत-उज्बेकिस्तान साझेदारी मध्य एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण शक्ति बनेगी। साथ ही उन्होंने उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर वहां की जनता को बधाई दी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

Share this story