एआई जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के समुचित एकीकरण से पर्यटन अनुभव बेहतर होगाः उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली, 24 फ़रवरी (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का समुचित एकीकरण पर्यटन अनुभव को अधिक सुगम, स्मार्ट और आकर्षक बना सकता है।
उपराष्ट्रपति मंगलवार को यहां आयोजित पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन यूएस-इंडिया पार्टनरशिप फोरम ने सांकला फाउंडेशन के सहयोग से किया गया है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र तेजी से डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में एआई, डेटा एनालिटिक्स, वर्चुअल रियलिटी तथा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। इन तकनीकों के माध्यम से पर्यटकों को व्यक्तिगत सेवाएं, बेहतर मार्गदर्शन, सुरक्षित यात्रा और समृद्ध अनुभव प्रदान किए जा सकते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में घोषित ‘टूरिज्म विजन 2029’ के तहत प्रत्येक राज्य में कम-से-कम एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल में डिजिटल एकीकरण, स्मार्ट सुविधाएं, निर्बाध कनेक्टिविटी और सतत विकास को प्रमुखता दी गई है।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, विविध प्राकृतिक सौंदर्य और युवा जनसंख्या देश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में सक्षम है। एआई आधारित डिजिटल स्टोरीटेलिंग, इंटरैक्टिव गाइड सिस्टम और रियल-टाइम सूचना सेवाएं पर्यटन स्थलों को अधिक आकर्षक और सुलभ बना सकती हैं।
राधाकृष्णन ने जोर देकर कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

