एआई की परिवर्तनकारी शक्ति के उपयोग के लिए भारत-यूएस रक्षा तंत्र बनाने में कर सकते हैं सहयोगः माइक हैंकीस

एआई की परिवर्तनकारी शक्ति के उपयोग के लिए भारत-यूएस रक्षा तंत्र बनाने में कर सकते हैं सहयोगः माइक हैंकीस
एआई की परिवर्तनकारी शक्ति के उपयोग के लिए भारत-यूएस रक्षा तंत्र बनाने में कर सकते हैं सहयोगः माइक हैंकीस


एआई की परिवर्तनकारी शक्ति के उपयोग के लिए भारत-यूएस रक्षा तंत्र बनाने में कर सकते हैं सहयोगः माइक हैंकीस


एआई की परिवर्तनकारी शक्ति के उपयोग के लिए भारत-यूएस रक्षा तंत्र बनाने में कर सकते हैं सहयोगः माइक हैंकीस


- अमेरिकी काउंसिल जनरल ने किया एमसीयू का दौरा

भोपाल, 13 फरवरी (हि.स.)। अमेरिकी काउंसिल जनरल माइक हैंकीस ने मंगलवार को भोपाल प्रवास के दौरान यहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) का दौरा किया और विश्वविद्यालय की नेतृत्व टीम के साथ छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रम, अनुसंधान सहयोग और उच्च शिक्षा के अवसरों सहित कई पहलुओं पर बातचीत की। उन्होंने एआई जनित मीडिया के जोखिम और उससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में बात की। इस बात पर सोचने की जरूरत है कि कैसे भारत-यूएस एक रक्षा तंत्र बनाने में सहयोग कर सकते हैं, जो सामाजिक कल्याण से समझौता किए बिना एआई की परिवर्तनकारी शक्ति का उपयोग करे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तकनीक में उपयोगी अनुप्रयोग है, लेकिन जब इसका उपयोग दुष्प्रचार अभियानों और अन्य दुर्भावनापूर्ण उद्देश्यों के लिए और गलत आख्यानों और हेरफेर की गई सामग्री को फैलाने के लिए किया जाता है, जिसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं, तो यह चिंता भी पैदा करती है।

भारत-यूएस अपने साझा मूल्यों की रक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे: कुलपति प्रो. सुरेश

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. केजी सुरेश ने कहा कि भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंध लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को बनाए रखने सहित साझा मूल्यों पर आधारित हैं और दोनों देशों के व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी के माध्यम से वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने में साझा हित हैं। उन्होंने भारत और अमेरिका दोनों में मीडिया से मतभेदों की तुलना में इन साझा मूल्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

अमेरिकी कौंसल जनरल माइक हैंकीस का छात्रों के साथ इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि दोनों देशों के संविधान की शब्दावली अलग-अलग है, लेकिन इसका बुनियादी ढांचा भी एक जैसा है। मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि मीडिया की जिम्मेदारी नेताओं को जवाबदेह बनाना और लोगों की मदद करना, सवाल पूछना और लोगों को विभिन्न दृष्टिकोणों से अवगत कराना है।

खबरों की तह तक जाएं, आकर्षक सुर्खियों के पीछे न भागें

माइक हैंकीस ने इस तथ्य को भी रेखांकित किया कि मतभेद आवश्यक है और यह कुछ ऐसा है जो हमारे व्यक्तित्व को आकार देता है और इस बात पर जोर दिया कि आज हमारे पास एक ऐसे मंच की कमी है जहां हर कोई एक साथ आ सके। उन्होंने मीडिया छात्रों को सलाह देते हुए गहन शोध कर तथ्यों की गहराई में जाने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे आकर्षक सुर्खियों के पीछे न भागने बल्कि अपनी कहानियों के लिए व्यापक जांच करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीय प्रवासियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और इसे देश के लोगों की तरह विविधतापूर्ण बताया।

इस अवसर पर विवि के रजिस्ट्रार डॉ. अविनाश वाजपेयी, डीन अकादमिक प्रो. पी. शशिकला, डीन छात्र कल्याण प्रो. मनीष माहेश्वरी, निदेशक मौसम केंद्र रवि मोहन शर्मा, विभागाध्यक्ष, कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. गरिमा पटेल, डॉ. जया सुरजानी, निदेशक रेडियो कर्मवीर और सत्र में वरिष्ठ संकाय सदस्य और छात्र भी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/संजीव

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